📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Aridd
विदेश
कज़ाख़स्तान और भारत ने अंतरराष्ट्रीय अपराध व आतंकवाद के लिए प्रत्यर्पण समझौता किया
✍️ The Economic Times
🗓 05 नव. 2026, 04:18 AM
👁 17
कज़ाख़स्तान और भारत ने अंतरराष्ट्रीय अपराध व आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए प्रत्यर्पण समझौता किया है।
नई दिल्ली और अस्ताना के अधिकारियों ने एक द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे कज़ाख़स्तान और भारत के बीच अपराधियों की प्रत्यर्पण प्रक्रिया स्थापित होगी। इस समझौते में आतंकवाद और संगठित अपराध जैसे गंभीर अपराधों में संलग्न व्यक्तियों को एक देश से दूसरे देश में भेजने की विधियां निर्धारित की गई हैं। दोनों सरकारों ने कहा कि यह कदम उन अंतरराष्ट्रीय अपराधियों को रोकने में मदद करेगा जो सीमा पार भागते हैं।
हस्ताक्षर समारोह में दोनों देशों के वरिष्ठ राजनयिकों ने भाग लिया और सीमा‑पार खतरों से लड़ने के लिए साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। अधिकारियों ने बताया कि यह समझौता मौजूदा अंतरराष्ट्रीय संधियों के साथ मेल खाता है और सूचना‑साझाकरण तंत्र को भी सुदृढ़ करेगा।
विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रत्यर्पण समझौता सुरक्षा सहयोग को गहरा करेगा, विशेषकर जब दोनों देशों को उग्रवादी नेटवर्क और अवैध वित्तीय प्रवाह जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। समझौते को लागू होने से पहले दोनों संसदों द्वारा अनुमोदित किया जाएगा।
हस्ताक्षर समारोह में दोनों देशों के वरिष्ठ राजनयिकों ने भाग लिया और सीमा‑पार खतरों से लड़ने के लिए साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। अधिकारियों ने बताया कि यह समझौता मौजूदा अंतरराष्ट्रीय संधियों के साथ मेल खाता है और सूचना‑साझाकरण तंत्र को भी सुदृढ़ करेगा।
विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रत्यर्पण समझौता सुरक्षा सहयोग को गहरा करेगा, विशेषकर जब दोनों देशों को उग्रवादी नेटवर्क और अवैध वित्तीय प्रवाह जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। समझौते को लागू होने से पहले दोनों संसदों द्वारा अनुमोदित किया जाएगा।