🔥 TRENDING Rashmika Mandanna Returns to Sets of A... Three Women’s Investment Turns ‘Hanuma... Khangri Glacier: Himalayan Melt Sparks... Finance Dept Sends Intern Stipend Hike... Mumbai Crime Branch Seizes ₹1,000 Cror... Harvesting Turns Mechanical as Labor S...
17 Sep 2026
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
Sarkari Yojana

केंद्रीय योजनाओं में खामियां बरकरार, जल जीवन मिशन का बुरा हाल, अडानिफिकेशन से हम लड़ रहे : ज्योत्सना महंत

✍️ Reporter: Vishwanath Pratap Singh 🗓 17 Sep 2026, 07:24 AM 👁 11
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत ने केंद्र के कामों पर असंतोष जताया है.साथ ही साथ ट्रेनों के रद्द होने और तारा कोल ब्लॉक पर प्रतिक्रिया दी.

जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति यानी दिशा की बैठक में कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत ने कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा की . बैठक समाप्त होने के बाद सांसद ने बताया कि कुछ योजनाओं पर उन्होंने असंतोष जाहिर किया, तो कुछ कार्यों की तारीफ भी की. महंत का कहना है कि केंद्रीय योजनाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है. हालांकि कुछ अच्छे काम भी हुए हैं. स्कूलों के रिनोवेशन की दिशा में अच्छी पहल हो रही है. जबकि जल जीवन मिशन का बेहद बुरा हाल है. कोई काम नहीं हुआ है.
जल जीवन मिशन पूरी तरह से ठप
सांसद ने कहा कि जितने भी केंद्र सरकार की ओर से संचालित योजना हैं, उनके संबंध में बात हुई है. जल जीवन मिशन पूरी तरह से ठप हैं, जहां पानी जा रहा है, उसकी लिस्ट मैंने मांगी है. जहां पानी नहीं है, उसके लिए मांग की है कि किसी तरह गांव में पानी लिफ्ट करके पहुंचाया जाए. पॉल्यूशन भी यहां बहुत ज्यादा है, हाल ही में कोल इंडिया की मीटिंग में भी गई थी. वहां भी इन समस्याओं को उठाया था.
डीएमएफ और सीएसआर से जो फंड मिल रहा है, उसके माध्यम से क्या काम हुए हैं. उसकी मैंने सूची मांगी है कि अभी तक कितने काम हुए हैं. उसकी जानकारी दी जाए, प्रत्यक्ष तौर पर प्रभावित गांवों में सड़क, पानी, स्कूल, लाइट इन सबकी व्यवस्थाएं हुई है या नहीं उसके बारे में जानकारी मैंने मांगी है. बहुत सारे ऐसे स्कूल हैं, जिनमे कलेक्टर ने एक बढ़िया पहल की है. पुराने स्कूलों की हमें स्थिति दिखाई और बताया कि कैसे उन्हें रिनोवेट किया जायेगा -ज्योत्सना महंत, सांसद
रेल सुविधाओं को लेकर काफी परेशानी है, मंत्री से करेंगे मुलाकात
रेल सुविधाओं को लेकर के सांसद ने कहा कि रेल सुविधाओं की काफी बुरी स्थिति है. रेल मंत्री भी आने वाले हैं. उनसे मिलेंगे, मैंने लगातार पत्र लिखे हैं.कलेक्टर से भी मैने बात की है कि आखिरकार यहां से जो कोयल लदान होता है जिससे हमारी ट्रेन जो लेट होती है. तो दोनों विभाग को मिलकर काम करना पड़ेगा. हम अभी कोल इंडिया की मीटिंग में गए थे. वहां रेलवे को भी बुलाया था और दोनों विभागों ने आपस में बात की है. हमने यह इस बात पर जोर दिया है कि लदान भी समय पर हो और पैसेंजर को भी कोई परेशानी ना हो. हाल फिलहाल में ट्रेनों को रद्द कर दिया जा रहा है. वह भी खास तौर पर उस समय जब त्योहार है. तीज में महिलाएं मायके आई हैं. महिलाएं को उनकी वापसी के लिए टिकट ही नहीं मिलती. ट्रेन रद्द हो गई है, यह समस्या बनी हुई है. इसे मैने लिखित में दिया है.
यह डिजिटल इंडिया मेरी समाज के परे
सांसद ने यूपीआई पेमेंट में चार्ज वाले प्रश्न पर कहा कि सरकार जो कहती है, वह कहां करती है. पिछले 12, 13 साल से डिजिटल इंडिया बन गया. अब हम क्या बताएं कि कौन सा डिजिटल चल रहा है. यह सब को पता है. यह डिजिटल डिजिटल इंडिया मेरे समझ के परे है.

तारा कोल ब्लॉक पर भी उठाए सवाल
तारा कोल ब्लॉक के प्रश्न पर कहा कि 7 से 8 लाख पेड़ कट रहे हैं. यह क्यों हो रहा है, इस तरह से आखिर क्यों किया जा रहा है? जब आप लोग ऐसा कर रहे हैं तो हमारी जनता का हमारे प्रदेश का क्या होगा. वर्षा कम होगी, नहर कम होगी, नदी, तालाब, बरसात कम हो जाएंगे. इस तरह से खेती पर भी असर होगा. इसके विरोध में हम लोग लड़ रहे हैं. लेकिन अडानीफिकेशन तो हो ही रहा है पूरे देश का. इसे कैसे रोका जाए, कोरबा में भी होगा, क्यों नहीं होगा.
📲Get App