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कटनी: मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत कलेक्टर ने कांटी में सामुदायिक भवन का किया निरीक्षण
कलेक्टर आशीष तिवारी ने कांटी में 15 लाख रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक भवन का निरीक्षण किया और समुचित व्यवस्थाओं के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिर का भी दौरा कर गर्भवती महिलाओं के संस्थागत प्रसव पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने कटनी जिले के ग्राम पंचायत कांटी का भ्रमण किया। इस अवसर पर उन्होंने पंचायत में 15 लाख रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक भवन का निरीक्षण किया और निर्माण कार्यों का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने भवन में आवश्यक सभी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर श्री प्रमोद चतुर्वेदी भी मौजूद रहे।
भ्रमण के दौरान कलेक्टर श्री तिवारी ने कांटी स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली और विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि क्षेत्र की सभी गर्भवती महिलाओं का समय पर एएनसी पंजीयन सुनिश्चित किया जाए और उनका प्रसव अस्पताल में ही कराया जाए।
कलेक्टर ने यह भी कहा कि गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को अस्पताल में प्रसव कराने के लाभों के बारे में जागरूक किया जाए। उन्होंने बताया कि संस्थागत प्रसव से प्रसव के दौरान मां और नवजात शिशु को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं समय पर उपलब्ध हो पाती हैं, जिससे उनकी बेहतर देखभाल सुनिश्चित की जा सकती है।
भ्रमण के दौरान कलेक्टर श्री तिवारी ने कांटी स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली और विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि क्षेत्र की सभी गर्भवती महिलाओं का समय पर एएनसी पंजीयन सुनिश्चित किया जाए और उनका प्रसव अस्पताल में ही कराया जाए।
कलेक्टर ने यह भी कहा कि गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को अस्पताल में प्रसव कराने के लाभों के बारे में जागरूक किया जाए। उन्होंने बताया कि संस्थागत प्रसव से प्रसव के दौरान मां और नवजात शिशु को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं समय पर उपलब्ध हो पाती हैं, जिससे उनकी बेहतर देखभाल सुनिश्चित की जा सकती है।