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26 अक्टू. 2026•
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कृषि

कटनी के किसान जगपति ने 25 डिसमिल से शुरू किया चिया की खेती का सफर, अब 5 एकड़ तक विस्तार की तैयारी

✍️ रिपोर्टर: Pranav Gaur 🗓 26 अक्टू. 2026, 10:38 PM 👁 14
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कलेक्टर आशीष तिवारी के प्रोत्साहन से प्रेरित होकर कटनी जिले के किसान जगपति ने औषधीय फसलों की खेती में नया आयाम स्थापित किया है। पिछले वर्ष 25 डिसमिल में चिया और अश्वगंधा की सफल खेती के बाद अब वे 2.5 एकड़ में चिया की खेती कर रहे हैं और इसे पांच एकड़ तक विस्तारित करने की योजना बना रहे हैं।

मध्य प्रदेश के कटनी जिले के ढीमरखेड़ा क्षेत्र स्थित दियागढ़ गांव में किसान जगपति ने परंपरागत खेती से आगे बढ़कर औषधीय एवं वैकल्पिक फसलों की खेती में नया मॉडल अपनाया है। कभी मात्र 25 डिसमिल जमीन में चिया और अश्वगंधा की खेती का प्रयोग करने वाले जगपति की इस पहल को जिला कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के प्रोत्साहन से विशेष संबल मिला है। कलेक्टर की यह प्रेरणा किसान के लिए नई उम्मीदों का प्रतीक बन गई है।

पिछले वर्ष कलेक्टर श्री तिवारी ने जगपति के खेत का निरीक्षण किया था, जहां चिया और अश्वगंधा की फसल उनके नवाचार की गवाही दे रही थी। कलेक्टर ने किसान से लागत और आमदनी की जानकारी ली। जगपति के अनुसार, चिया की खेती में कुल लागत मात्र 2,200 रुपये रही थी। उत्पादन के बाद उन्होंने 2 क्विंटल चिया को 18,000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से संगमबीडी एफपीओ को बेचा। इसके अलावा, अश्वगंधा से उन्हें 34 किलो बीज और 50 किलो जड़ प्राप्त हुईं।

इस सफल अनुभव ने जगपति के भरोसे को और मजबूत किया है। अब वे 2.5 एकड़ क्षेत्र में चिया की खेती कर रहे हैं और इसे करीब पांच एकड़ तक विस्तार देने की तैयारी में हैं। अपनी दो एकड़ जमीन के अलावा, वे ठेके पर लिए गए खेतों में भी खेती की नई संभावनाएं तलाश रहे हैं। उनकी योजना में एक एकड़ में किनोवा और 50 डिसमिल में इसबगोल की खेती शामिल है।

इस सफर में जगपति को नाबार्ड की आदिवासी विकास परियोजना से बीजों और तकनीकी सहयोग की सुविधा मिल रही है। साथ ही, मानव जीवन विकास समिति की स्थानीय कार्यकर्ता अदिति वैष्णव का मार्गदर्शन भी किसान के इस नवाचार को मजबूती प्रदान कर रहा है।
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