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कटिहार में बाढ़ के बिच नाव से निकली बारात
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कटिहार जिला के मनिहारी प्रखंड से बाढ़ के बिच निकली बारात
कटिहार से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट
बाढ़ के बीच नाव पर निकली बारात, दुल्हनिया को लेने पहुंचे शफीक, निकाह के बाद इसी नाव से हुई घर वापसी
कटिहार में बाढ़ की त्रासदी के बीच एक ऐसी तस्वीर है, जो बताती है कि मुश्किल हालात भी जिंदगी की खुशियों को नहीं रोक सकते। कटिहार के चार प्रखंड बाढ़ की चपेट में हैं। कहीं घरों में पानी घुसा है तो कहीं सड़क और रास्ते डूब चुके हैं। लेकिन इसी बीच शहनाई गूंजी और नाव पर बारात निकल पड़ी। दरअसल मनिहारी प्रखंड के lकालीगंज निवासी मोहम्मब कद शफीक की शादी बरारी प्रखंड के सुखासन पंचायत के ठोठीबाग निवासी फरहद के साथ तय हुई थी। शादी का दिन आया तो रास्ते में बाढ़ का पानी खड़ा था। सड़क से बारात ले जाना मुश्किल था। ऐसे में शफीक ने नाव का सहारा लिया और परिजनों व बारातियों के साथ दुल्हन के घर पहुंच गए। नाव पर सजे दूल्हे और बारातियों को देखकर हर कोई कुछ पल के लिए ठहर गया। चारों तरफ बाढ़ का पानी और बीच में शादी की खुशियां... नजारा अपने आप में खास था। इसके बाद निकाह की रस्म पूरी हुई। निकाह के बाद दुल्हन फरहद भी नाव पर सवार हुईं और शफीक के साथ उसी नाव से अपने नए घर के लिए रवाना हो गई। शफीक ने कहा कि बाढ़ की वजह से परेशानी जरूर है, लेकिन शादी का दिन तय था, इसलिए नाव से बारात लेकर पहुंचे। परिजन जहांगीर आलम ने कहा कि हालात मुश्किल हैं, लेकिन निकाह अच्छे से संपन्न होने की खुशी है। बाढ़ के बीच यह बारात संदेश दे रही है रास्ते डूब जाएं तो नाव सही, लेकिन जिंदगी रुकनी नहीं चाहिए।
बाढ़ के बीच नाव पर निकली बारात, दुल्हनिया को लेने पहुंचे शफीक, निकाह के बाद इसी नाव से हुई घर वापसी
कटिहार में बाढ़ की त्रासदी के बीच एक ऐसी तस्वीर है, जो बताती है कि मुश्किल हालात भी जिंदगी की खुशियों को नहीं रोक सकते। कटिहार के चार प्रखंड बाढ़ की चपेट में हैं। कहीं घरों में पानी घुसा है तो कहीं सड़क और रास्ते डूब चुके हैं। लेकिन इसी बीच शहनाई गूंजी और नाव पर बारात निकल पड़ी। दरअसल मनिहारी प्रखंड के lकालीगंज निवासी मोहम्मब कद शफीक की शादी बरारी प्रखंड के सुखासन पंचायत के ठोठीबाग निवासी फरहद के साथ तय हुई थी। शादी का दिन आया तो रास्ते में बाढ़ का पानी खड़ा था। सड़क से बारात ले जाना मुश्किल था। ऐसे में शफीक ने नाव का सहारा लिया और परिजनों व बारातियों के साथ दुल्हन के घर पहुंच गए। नाव पर सजे दूल्हे और बारातियों को देखकर हर कोई कुछ पल के लिए ठहर गया। चारों तरफ बाढ़ का पानी और बीच में शादी की खुशियां... नजारा अपने आप में खास था। इसके बाद निकाह की रस्म पूरी हुई। निकाह के बाद दुल्हन फरहद भी नाव पर सवार हुईं और शफीक के साथ उसी नाव से अपने नए घर के लिए रवाना हो गई। शफीक ने कहा कि बाढ़ की वजह से परेशानी जरूर है, लेकिन शादी का दिन तय था, इसलिए नाव से बारात लेकर पहुंचे। परिजन जहांगीर आलम ने कहा कि हालात मुश्किल हैं, लेकिन निकाह अच्छे से संपन्न होने की खुशी है। बाढ़ के बीच यह बारात संदेश दे रही है रास्ते डूब जाएं तो नाव सही, लेकिन जिंदगी रुकनी नहीं चाहिए।