🔥 TRENDING Democrats intensify impeachment drive... Pakistan's Zahoor scores century as In... India U19 batsman scores century again... Pakistan U19 beat India by 3 wickets i... Gujarat Titans Eye Trade for Delhi Cap... Rain Forecast for Kolkata and South Be...
09 Nov 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
कटिहार कोर्ट का बड़ा फैसला: गैर-इरादतन हत्या और SC/ST एक्ट मामले में तीन दोषियों को सश्रम कारावास, अर्थदंड भी लगा
Crime

कटिहार कोर्ट का बड़ा फैसला: गैर-इरादतन हत्या और SC/ST एक्ट मामले में तीन दोषियों को सश्रम कारावास, अर्थदंड भी लगा

✍️ Reporter: Raju Choudhary 🗓 24 Sep 2026, 01:21 PM 👁 75
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

कटिहार कोर्ट का बड़ा फैसला: गैर-इरादतन हत्या और SC/ST एक्ट मामले में तीन दोषियों को सश्रम कारावास, अर्थदंड भी लगा

कटिहार, 24 सितंबर: कटिहार व्यवहार न्यायालय के प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ-I) की अदालत ने गैर-इरादतन हत्या और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के एक मामले में अंतिम सुनवाई करते हुए तीन अभियुक्तों को दोषी करार देकर सश्रम कारावास एवं जुर्माने की सजा सुनाई है।
13 साल पुराने मामले में आया फैसला
यह मामला सेमापुर (सहायक थाना) कांड संख्या 132/13 और जीआर नंबर 3059/13 से जुड़ा हुआ है। कटिहार पुलिस द्वारा अदालत में समर्पित आरोप-पत्र, पेश किए गए पुख्ता साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी पाया।
अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए तीनों अभियुक्त पुरानी सेमापुर, थाना बरारी (सेमापुर), जिला कटिहार के निवासी हैं:
लेधु महतो उर्फ लेघु महतो
लंगड़ी देवी
राजू महतो
विभिन्न धाराओं के तहत सुनाई गई सजा का विवरण:
धारा 304/34 भा०द०वि० (गैर-इरादतन हत्या): माननीय न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों को 06 वर्ष के सश्रम कारावास तथा ₹25,000/- (पच्चीस हजार रुपये) के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि का भुगतान नहीं करने की स्थिति में दोषियों को 04 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। धारा 3(1)(x) SC/ST Act (POA): जातिसूचक प्रताड़ना व अपराध से जुड़ी इस धारा के तहत अदालत ने तीनों अभियुक्तों को 02 वर्ष के कारावास और ₹5,000/- (पाँच हजार रुपये) के अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माने की राशि जमा न करने पर 01 माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा। इस पूरे मामले में कटिहार पुलिस के अनुसंधान और अभियोजन पक्ष की मजबूत कानूनी पैरवी की अहम भूमिका रही। न्यायालय में साक्ष्यों को तार्किक ढंग से प्रस्तुत करने और गवाहों के परीक्षण में अपर लोक अभियोजक (Addl. Public Prosecutor) ब्रह्मदेव प्रसाद यादव की भूमिका बेहद सराहनीय रही।
📲Get App