कृषि
कटिहार के किसानों को मिला कम लागत में बंपर मुनाफे का फॉर्मूला, खेती में 'सुपरफूड' बढ़ाएगा आमदनी
बिहार के कटिहार जिले में किसानों के हाथ कम लागत में बंपर मुनाफा कमाने का एक नया फॉर्मूला लगा है, जहां वे अब एक नए 'सुपरफूड' की खेती कर रहे हैं।
कटिहार, 22 सितंबर: कटिहार के संयुक्त कृषि भवन प्रांगण में आज का दिन जिले के किसानों के लिए एक नई शुरुआत लेकर आया। मौका था प्रगतिशील कृषकों के बीच 'अजोला प्रत्यक्षण-सह-वितरण कार्यक्रम' का, जहां आधुनिक और टिकाऊ खेती की दिशा में एक ठोस पहल देखने को मिली।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व उपमुख्यमंत्री-सह-कटिहार सदर विधायक श्री तारकिशोर प्रसाद ने किसानों को अजोला किट सौंपी। किसानों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्होंने कहा—"पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों का तालमेल आज समय की सबसे बड़ी मांग है। जब किसान नई पद्धतियों को जमीन पर उतारेंगे, तभी खेती की लागत घटेगी और आमदनी में वास्तविक इजाफा होगा।"
आखिर अजोला किसानों के लिए क्यों बन रहा है वरदान?
कार्यक्रम के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक (आत्मा) श्री राजीव कुमार ने किसानों को अजोला उत्पादन और उसके फायदों की बारीकियां समझाईं। उन्होंने बताया कि अजोला बेहद तेजी से पनपने वाला एक जलीय फर्न है, जिसे किसान बहुत कम खर्च और सीमित जगह में तैयार कर सकते हैं। यह न सिर्फ दुधारू पशुओं के लिए पौष्टिक चारे का बेहतरीन विकल्प है, बल्कि खेतों में हरी खाद के रूप में मिट्टी की उर्वरा शक्ति को भी नई ताकत देता है।
इस अवसर पर प्रखंड प्रमुख श्रीमती सोनी सिंह सहित कृषि विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में जागरूक किसान उपस्थित रहे। कृषि विभाग ने किसानों से आह्वान किया कि वे वैज्ञानिक विधि और तकनीकी मार्गदर्शन को अपनाकर आत्मनिर्भरता की इस नई राह पर आगे बढ़ें।
खेती को घाटे का सौदा नहीं, मुनाफे का जरिया बनाने की दिशा में कटिहार के अन्नदाताओं का यह कदम वाकई सराहनीय है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व उपमुख्यमंत्री-सह-कटिहार सदर विधायक श्री तारकिशोर प्रसाद ने किसानों को अजोला किट सौंपी। किसानों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्होंने कहा—"पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों का तालमेल आज समय की सबसे बड़ी मांग है। जब किसान नई पद्धतियों को जमीन पर उतारेंगे, तभी खेती की लागत घटेगी और आमदनी में वास्तविक इजाफा होगा।"
आखिर अजोला किसानों के लिए क्यों बन रहा है वरदान?
कार्यक्रम के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक (आत्मा) श्री राजीव कुमार ने किसानों को अजोला उत्पादन और उसके फायदों की बारीकियां समझाईं। उन्होंने बताया कि अजोला बेहद तेजी से पनपने वाला एक जलीय फर्न है, जिसे किसान बहुत कम खर्च और सीमित जगह में तैयार कर सकते हैं। यह न सिर्फ दुधारू पशुओं के लिए पौष्टिक चारे का बेहतरीन विकल्प है, बल्कि खेतों में हरी खाद के रूप में मिट्टी की उर्वरा शक्ति को भी नई ताकत देता है।
इस अवसर पर प्रखंड प्रमुख श्रीमती सोनी सिंह सहित कृषि विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में जागरूक किसान उपस्थित रहे। कृषि विभाग ने किसानों से आह्वान किया कि वे वैज्ञानिक विधि और तकनीकी मार्गदर्शन को अपनाकर आत्मनिर्भरता की इस नई राह पर आगे बढ़ें।
खेती को घाटे का सौदा नहीं, मुनाफे का जरिया बनाने की दिशा में कटिहार के अन्नदाताओं का यह कदम वाकई सराहनीय है।