अपराध
कटघोरा के बरतराई में अवैध खनन का खेल! सो रहा खनिज विभाग या संरक्षण में चल रहा कारोबार?
यहाँ देखें:
▶️ YouTube
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि विभाग मौके पर जांच करे तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
कटघोरा क्षेत्र के बरतराई में कथित अवैध खनन को लेकर अब खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्र में खनिज के अवैध उत्खनन की गतिविधियां जारी होने के आरोप हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग की प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आने से लोगों में नाराजगी है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर अवैध खनन पर नजर रखने वाला विभाग सो रहा है या फिर उसकी कथित मिलीभगत से यह कारोबार फल-फूल रहा है?
बरतराई क्षेत्र में यदि बिना अनुमति खनिज का उत्खनन और परिवहन हो रहा है तो यह सीधे तौर पर नियमों की अनदेखी है। इससे शासन को राजस्व की क्षति के साथ प्राकृतिक संसाधनों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि खनन में लगे लोगों को कार्रवाई का डर नहीं है, जिसके चलते गतिविधियां बेखौफ तरीके से संचालित हो रही हैं।
खास बात यह है कि कोरबा जिले में अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ खनिज विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई किए जाने के दावे किए जाते रहे हैं। हाल के महीनों में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से कई वाहन और अवैध खनिज जब्त किए गए हैं। ऐसे में बरतराई में कथित अवैध खनन की शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही, यह बड़ा सवाल बन गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि विभाग मौके पर जांच करे तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि खनिज विभाग बरतराई पहुंचकर जांच करता है या फिर अवैध खनन का खेल यूं ही चलता रहेगा।
नोट: संरक्षण/मिलीभगत का आरोप अभी प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि उठ रहे सवालों और आरोपों के रूप में ही रखा गया है।
बरतराई क्षेत्र में यदि बिना अनुमति खनिज का उत्खनन और परिवहन हो रहा है तो यह सीधे तौर पर नियमों की अनदेखी है। इससे शासन को राजस्व की क्षति के साथ प्राकृतिक संसाधनों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि खनन में लगे लोगों को कार्रवाई का डर नहीं है, जिसके चलते गतिविधियां बेखौफ तरीके से संचालित हो रही हैं।
खास बात यह है कि कोरबा जिले में अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ खनिज विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई किए जाने के दावे किए जाते रहे हैं। हाल के महीनों में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से कई वाहन और अवैध खनिज जब्त किए गए हैं। ऐसे में बरतराई में कथित अवैध खनन की शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही, यह बड़ा सवाल बन गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि विभाग मौके पर जांच करे तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि खनिज विभाग बरतराई पहुंचकर जांच करता है या फिर अवैध खनन का खेल यूं ही चलता रहेगा।
नोट: संरक्षण/मिलीभगत का आरोप अभी प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि उठ रहे सवालों और आरोपों के रूप में ही रखा गया है।