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14 अक्टू. 2026•
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कुटुंब रजिस्टर से नाम खारिज करने के मामले में हाईकोर्ट सख्त, एसडीएम तिलोई को किया तलबव्यक्तिगत रूप से पेश होकर पक्ष रखने का दिया निर्देश

कुटुंब रजिस्टर से नाम खारिज करने के मामले में हाईकोर्ट सख्त, एसडीएम तिलोई को किया तलबव्यक्तिगत रूप से पेश होकर पक्ष रखने का दिया निर्देश

✍️ रिपोर्टर: ashif 🗓 13 अक्टू. 2026, 11:16 PM 👁 18
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अमेठी। कुटुंब रजिस्टर से नाम विलोपित किए जाने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। तिलोई तहसील के विराज गांव निवासी नीरज कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने उपजिलाधिकारी तिलोई डॉ. अरुणिमा श्रीवास्तव को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया। मामले में पारित आदेश को लेकर हाईकोर्ट की नाराजगी सामने आने के बाद प्रशासनिक और राजस्व महकमे में इस प्रकरण की चर्चा तेज हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नीरज कुमार पुत्र घनश्याम मूल रूप से किशनपुर मजरे रामनगर के निवासी हैं। उनका कहना है कि वर्ष 2017 में विराज गांव में दुकान और मकान का बैनामा कराने के बाद वह अपने परिवार के साथ वहीं रहने लगे थे। इसी आधार पर वर्ष 2019 में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) ने उनकी पत्नी अंजू के साथ उनका मतदाता पहचान पत्र बनवाया। इसके अलावा पंचायत की मतदाता सूची में उनकी पत्नी और बच्चों अनंत व अयान के नाम भी दर्ज हो गए। विराज गांव से ही बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र भी जारी किए गए।
याची के मुताबिक, परिवार के विराज गांव में निवास करने के आधार पर रामनगर के परिवार रजिस्टर से पूरे परिवार के नाम विलोपित कर विराज के परिवार रजिस्टर में दर्ज कर दिए गए थे। आरोप है कि विराज निवासी केशव प्रसाद की आपत्ति के बाद 30 दिसंबर 2025 को बिना किसी नोटिस के उनके परिवार के नाम विराज के कुटुंब रजिस्टर से काट दिए गए। इसके साथ ही पंचायत की मतदाता सूची से भी नाम हटा दिए गए।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद एसडीएम न्यायालय में दाखिल की अपील
पीड़ित ने उक्त कार्रवाई को चुनौती देते हुए जनवरी 2026 में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याची के अनुसार, हाईकोर्ट ने प्रकरण में राहत पाने के लिए उसे उपजिलाधिकारी के न्यायालय में जाने का निर्देश दिया। इसके अनुपालन में नीरज कुमार ने एसडीएम तिलोई के न्यायालय में अपील दाखिल की।
मामले की सुनवाई के बाद उपजिलाधिकारी डॉ. अरुणिमा श्रीवास्तव ने 30 जुलाई 2026 को याची की अपील खारिज कर दी। इस आदेश से असंतुष्ट नीरज कुमार ने एक बार फिर हाईकोर्ट की शरण ली और एसडीएम के आदेश को चुनौती दी।
13 अक्टूबर को व्यक्तिगत उपस्थिति का आदेश
मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने उपजिलाधिकारी तिलोई डॉ. अरुणिमा श्रीवास्तव को 13 अक्टूबर 2026 को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया। तलबी आदेश के अनुपालन में उपजिलाधिकारी हाईकोर्ट में पेश हुईं।
इस प्रकरण में उपजिलाधिकारी का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन नहीं उठने के कारण उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
कुटुंब रजिस्टर में नाम दर्ज करने और विलोपित करने की कार्रवाई ग्रामीण परिवारों के निवास, पहचान तथा विभिन्न सरकारी अभिलेखों से जुड़ी होती है। ऐसे में इस मामले में हाईकोर्ट की सुनवाई और आगे होने वाली न्यायिक कार्रवाई पर क्षेत्र के लोगों की निगाहें टिकी हैं।
प्राप्त जानकारी मिले तथ्यों के आधार पर लिखी गई है
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