अपराध
केंट आरओ के नाम पर नकली सामान का खेल, हिंदुस्तान कूल केअर में छापेमारी, पुलिस ने जब्त किए स्पेयर पार्ट्स
केंट आरओ के नाम पर नकली सामान का खेल, हिंदुस्तान कूल केअर में छापेमारी, पुलिस ने जब्त किए स्पेयर पार्ट्स
कटिहार 30 अक्टूबर शुक्रवार
अगर आप केंट आरओ से पानी पीते हैं, तो यह खबर आपको भी चौंका सकती है। घर में लगा वॉटर प्यूरीफायर खराब होने पर आप उसे ठीक कराने के लिए मैकेनिक बुलाते हैं। आपको भरोसा होता है कि मशीन में कंपनी के असली पार्ट्स लगाए जा रहे हैं, लेकिन कटिहार में हुई एक कार्रवाई ने इसी भरोसे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला मिर्चाईबाड़ी स्थित हिंदुस्तान कूल केअर का है। यहां केंट वॉटर प्यूरीफायर के नकली स्पेयर पार्ट्स मिलने की सूचना पर कंपनी से जुड़े अधिकारियों ने जांच की। आरोप है कि खुद को ओरिजिनल सामान उपलब्ध कराने का दावा करने वाले इस प्रतिष्ठान में जांच के दौरान केंट के नकली स्पेयर पार्ट्स मिले। इसके बाद पुलिस के सहयोग से संबंधित सामान जब्त कर लिया गया। मामले में सहायक थाना में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है। अब सवाल यह है कि आखिर ग्राहकों के भरोसे का जिम्मेदार कौन है। लोग आरओ इसलिए लगवाते हैं, ताकि उन्हें साफ और सुरक्षित पानी मिल सके। मशीन खराब होने पर मरम्मत कराते हैं और इसके बदले पैसे भी चुकाते हैं। ऐसे में अगर उसमें नकली पार्ट्स लगाए जाते हैं, तो ग्राहक को असली और नकली का पता कैसे चलेगा। हालांकि नकली स्पेयर पार्ट्स मिलने का मतलब यह नहीं कि आरओ से निकलने वाला पानी भी दूषित है। इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है। लेकिन हिंदुस्तान कूल केअर से जुड़े इस मामले ने ग्राहकों की चिंता जरूर बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि जांच में क्या सामने आता है और जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होती है।
अगर आप केंट आरओ से पानी पीते हैं, तो यह खबर आपको भी चौंका सकती है। घर में लगा वॉटर प्यूरीफायर खराब होने पर आप उसे ठीक कराने के लिए मैकेनिक बुलाते हैं। आपको भरोसा होता है कि मशीन में कंपनी के असली पार्ट्स लगाए जा रहे हैं, लेकिन कटिहार में हुई एक कार्रवाई ने इसी भरोसे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला मिर्चाईबाड़ी स्थित हिंदुस्तान कूल केअर का है। यहां केंट वॉटर प्यूरीफायर के नकली स्पेयर पार्ट्स मिलने की सूचना पर कंपनी से जुड़े अधिकारियों ने जांच की। आरोप है कि खुद को ओरिजिनल सामान उपलब्ध कराने का दावा करने वाले इस प्रतिष्ठान में जांच के दौरान केंट के नकली स्पेयर पार्ट्स मिले। इसके बाद पुलिस के सहयोग से संबंधित सामान जब्त कर लिया गया। मामले में सहायक थाना में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है। अब सवाल यह है कि आखिर ग्राहकों के भरोसे का जिम्मेदार कौन है। लोग आरओ इसलिए लगवाते हैं, ताकि उन्हें साफ और सुरक्षित पानी मिल सके। मशीन खराब होने पर मरम्मत कराते हैं और इसके बदले पैसे भी चुकाते हैं। ऐसे में अगर उसमें नकली पार्ट्स लगाए जाते हैं, तो ग्राहक को असली और नकली का पता कैसे चलेगा। हालांकि नकली स्पेयर पार्ट्स मिलने का मतलब यह नहीं कि आरओ से निकलने वाला पानी भी दूषित है। इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है। लेकिन हिंदुस्तान कूल केअर से जुड़े इस मामले ने ग्राहकों की चिंता जरूर बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि जांच में क्या सामने आता है और जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होती है।