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केसर शुगर मिल पर ₹165 करोड़ बकाया: किसानों का इंतज़ार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने देरी के कारण बताए
केसर शुगर मिल पर गन्ना किसानों का ₹165 करोड़ बकाया है, नीलामी दो बार टलने से चिंता बढ़ी; मुख्य कार्यकारी अधिकारी शरत मिश्रा ने देरी के कारण डिमांड ड्राफ्ट न मिलने और ओएमयू पर हस्ताक्षर न होने का हवाला दिया।
केसर शुगर मिल पर गन्ना किसानों का करीब ₹165 करोड़ बकाया है, जिसे नीलामी के दो बार टलने से और भी जटिल बना दिया गया है। किसानों को अपने मेहनत के बदले भुगतान का इंतजार है, जबकि मिल की जमीन की नीलामी लगातार स्थगित हो रही है।
मिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शरत मिश्रा ने निजी माध्यम से बताया कि भुगतान में देरी का कारण डिमांड ड्राफ्ट उपलब्ध न होना और अवध फूड्स कंपनी की ओर से ओएमयू पर हस्ताक्षर न होना जैसी प्रक्रियागत अड़चनें हैं।
किसान कहते हैं कि गन्ना देने के बाद उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे खेती की लागत, परिवार के खर्च और अगली फसल की तैयारी पर असर पड़ रहा है। भुगतान में देरी से उनकी आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ रहा है।
इस बीच, नीलामी और समझौते की प्रक्रिया में अड़चनों के बावजूद सबसे बड़ा सवाल यह है कि किसानों को उनका बकाया कब मिलेगा। शासन-प्रशासन से स्पष्ट समयसीमा और राहत के कदमों की उम्मीद है।
मिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शरत मिश्रा ने निजी माध्यम से बताया कि भुगतान में देरी का कारण डिमांड ड्राफ्ट उपलब्ध न होना और अवध फूड्स कंपनी की ओर से ओएमयू पर हस्ताक्षर न होना जैसी प्रक्रियागत अड़चनें हैं।
किसान कहते हैं कि गन्ना देने के बाद उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे खेती की लागत, परिवार के खर्च और अगली फसल की तैयारी पर असर पड़ रहा है। भुगतान में देरी से उनकी आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ रहा है।
इस बीच, नीलामी और समझौते की प्रक्रिया में अड़चनों के बावजूद सबसे बड़ा सवाल यह है कि किसानों को उनका बकाया कब मिलेगा। शासन-प्रशासन से स्पष्ट समयसीमा और राहत के कदमों की उम्मीद है।