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केसर शुगर मिल के बकाया गन्ना भुगतान पर किसानों की एकजुट मांग, बहेड़ी में 30 अक्टूबर को बैठक
बहेड़ी के किसानों ने केसर शुगर मिल के बकाया गन्ना भुगतान के मुद्दे पर 30 अक्टूबर को नई गन्ना सोसाइटी में एकजुट होकर बैठक का आह्वान किया।
बहेड़ी में केसर शुगर मिल के बकाया गन्ना भुगतान के कारण किसानों की आर्थिक परेशानियाँ और गहरी हो गई हैं। नीड 24 न्यूज़ की टीम ने गांव-गांव जाकर किसानों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना और समझा ।
किसान बताते हैं कि खेतों में मेहनत के बाद भी फसल का भुगतान समय पर नहीं मिलने से परिवार की देखभाल, बच्चों की शिक्षा, बेटियों की शादी और अगली फसल की बुवाई जैसी चुनौतियाँ सामने आ रही हैं।
किसानों का कहना वह पहले ही आर्थिक समस्याओं व बकाया भुगतान से जूझ रहे थे और अब मिल का बन्द होना गंभीर चिन्ता का विषय बन गया है ।
इस परिस्थिति में किसानों ने जाति, बिरादरी और राजनीतिक मतभेदों को भुलाकर एकजुट होने का आह्वान किया, ताकि बकाया गन्ना भुगतान के समाधान के लिए शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से मिल प्रबंधन व शासन-प्रशासन के सामने अपने गन्ना भुगतान की मांग को रखा जा सके।
किसानों ने 30 अक्टूबर 2026 दिन शुक्रवार को प्रातः 11 बजे नई गन्ना सोसाइटी, बहेड़ी में बैठक का आयोजन किया, जहाँ वे अपनी समस्याओं को सामने रखकर रणनीति तय करेंगे।
किसान एकता ही उनकी ताकत है, और वे सभी किसान भाइयों से आग्रह करते हैं कि वे इस संदेश को बहेड़ी के सभी गांवों तक पहुँचाएँ ताकि अधिक से अधिक किसान एकत्रित होकर अपनी बातों को कह सकें।
किसान बताते हैं कि खेतों में मेहनत के बाद भी फसल का भुगतान समय पर नहीं मिलने से परिवार की देखभाल, बच्चों की शिक्षा, बेटियों की शादी और अगली फसल की बुवाई जैसी चुनौतियाँ सामने आ रही हैं।
किसानों का कहना वह पहले ही आर्थिक समस्याओं व बकाया भुगतान से जूझ रहे थे और अब मिल का बन्द होना गंभीर चिन्ता का विषय बन गया है ।
इस परिस्थिति में किसानों ने जाति, बिरादरी और राजनीतिक मतभेदों को भुलाकर एकजुट होने का आह्वान किया, ताकि बकाया गन्ना भुगतान के समाधान के लिए शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से मिल प्रबंधन व शासन-प्रशासन के सामने अपने गन्ना भुगतान की मांग को रखा जा सके।
किसानों ने 30 अक्टूबर 2026 दिन शुक्रवार को प्रातः 11 बजे नई गन्ना सोसाइटी, बहेड़ी में बैठक का आयोजन किया, जहाँ वे अपनी समस्याओं को सामने रखकर रणनीति तय करेंगे।
किसान एकता ही उनकी ताकत है, और वे सभी किसान भाइयों से आग्रह करते हैं कि वे इस संदेश को बहेड़ी के सभी गांवों तक पहुँचाएँ ताकि अधिक से अधिक किसान एकत्रित होकर अपनी बातों को कह सकें।