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कासगंज: फीस न जमा होने से घर से निकली छात्रा को पुलिस और लोगों ने ₹60,200 जुटाकर दी पढ़ाई जारी रखने की मदद
कासगंज में आर्थिक तंगी के कारण फीस जमा न हो पाने से परेशान होकर घर से निकली 16 वर्षीय छात्रा की मदद के लिए पुलिस और स्थानीय लोग आगे आए। उन्होंने मिलकर ₹60,200 की राशि जुटाई है, जिससे छात्रा अपनी पढ़ाई जारी रख सके।
कासगंज में एक 16 वर्षीय छात्रा के घर से निकलने की घटना ने सभी को झकझोर दिया। फीस जमा न होने की वजह से परेशान होकर घर से निकली छात्रा लूसी पासवान को पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर आर्थिक सहायता प्रदान की है। इस सामूहिक प्रयास से ₹60,200 की राशि जुटाई गई है, ताकि छात्रा अपनी पढ़ाई जारी रख सके।
यह घटना 9 अक्टूबर की रात की है, जब पुलिस को एक नाबालिग लड़की घूमती हुई मिली। पूछताछ करने पर उसने अपना नाम लूसी पासवान (16) बताया और कहा कि वह गाजीपुर की रहने वाली है। लूसी ने बताया कि घर की आर्थिक तंगी और स्कूल की फीस जमा न हो पाने से नाराज होकर वह घर से निकल पड़ी थी।
पुलिस ने तत्काल छात्रा को वन स्टॉप सेंटर पहुंचाया और उसके परिजनों को सूचित किया। 11 अक्टूबर को छात्रा की मां और भाई कासगंज पहुंचे, जिसके बाद पुलिस ने लूसी को उसके परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने बताया कि लूसी 11वीं कक्षा की छात्रा है और उसके पिता दिहाड़ी मजदूर हैं, जिनकी प्रतिदिन की आय लगभग ₹200 है। परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण वे लूसी की फीस जमा करने में असमर्थ थे।
छात्रा की पढ़ाई जारी रखने के उद्देश्य से कोतवाली के पुलिसकर्मियों और कुछ स्थानीय नागरिकों ने मिलकर ₹60,200 की आर्थिक सहायता जुटाई। पुलिस की इस मानवीय पहल और स्थानीय लोगों के सहयोग की परिवार ने हृदय से सराहना की है और आभार व्यक्त किया है।
यह घटना 9 अक्टूबर की रात की है, जब पुलिस को एक नाबालिग लड़की घूमती हुई मिली। पूछताछ करने पर उसने अपना नाम लूसी पासवान (16) बताया और कहा कि वह गाजीपुर की रहने वाली है। लूसी ने बताया कि घर की आर्थिक तंगी और स्कूल की फीस जमा न हो पाने से नाराज होकर वह घर से निकल पड़ी थी।
पुलिस ने तत्काल छात्रा को वन स्टॉप सेंटर पहुंचाया और उसके परिजनों को सूचित किया। 11 अक्टूबर को छात्रा की मां और भाई कासगंज पहुंचे, जिसके बाद पुलिस ने लूसी को उसके परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने बताया कि लूसी 11वीं कक्षा की छात्रा है और उसके पिता दिहाड़ी मजदूर हैं, जिनकी प्रतिदिन की आय लगभग ₹200 है। परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण वे लूसी की फीस जमा करने में असमर्थ थे।
छात्रा की पढ़ाई जारी रखने के उद्देश्य से कोतवाली के पुलिसकर्मियों और कुछ स्थानीय नागरिकों ने मिलकर ₹60,200 की आर्थिक सहायता जुटाई। पुलिस की इस मानवीय पहल और स्थानीय लोगों के सहयोग की परिवार ने हृदय से सराहना की है और आभार व्यक्त किया है।