📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / This Photo was taken by Timothy A. Gonsalves. Fee
अपराध
कर्नाटक में पशु चिकित्सक भर्ती घोटाले से जुड़े जेल में बंद आईएएस अधिकारी को निलंबित किया गया
✍️ The Indian Express
🗓 04 सित. 2026, 01:36 AM
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कर्नाटक सरकार ने उस आईएएस अधिकारी को निलंबित किया है, जो राज्य के पशु चिकित्सक भर्ती घोटाले में शामिल होने के आरोप में जेल में हैं।
राज्य प्रशासन ने एक भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी को निलंबित करने की घोषणा की है, जो कर्नाटक के पशु चिकित्सक भर्ती घोटाले में शामिल होने के आरोप में जेल में हैं। अधिकारी का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया, लेकिन अदालत ने उनके भागीदारी के पर्याप्त सबूत मिलने पर उन्हें सजा सुनाई थी।
यह भर्ती घोटाला, जो इस वर्ष की शुरुआत में उजागर हुआ, कर्नाटक भर में पशु चिकित्सक पदों की चयन प्रक्रिया में हेरफेर से जुड़ा था। अधिकारियों पर योग्यताओं में बदलाव, मेरिट सूची में छेड़छाड़ और इच्छित उम्मीदवारों को पद दिलाने के लिए रिश्वत लेने का आरोप लगा। कई लोगों को गिरफ्तार किया गया और राज्य के भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी ने जांच जारी रखी है।
कर्नाटक सरकार ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि निलंबन चल रही कानूनी कार्यवाही के दौरान एक प्रक्रिया है। विभाग ने कहा कि यह कदम अधिकारी की दोषसिद्धि या निरपराधता को नहीं दर्शाता, बल्कि मामले के समाधान तक प्रशासनिक अखंडता बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अंतिम निर्णय के आधार पर निलंबन अधिकारी के सेवा रिकॉर्ड और भविष्य के लाभों को प्रभावित कर सकता है। यह कदम सार्वजनिक सेवाओं में भर्ती धोखाधड़ी को रोकने के लिए सरकार के व्यापक प्रयासों को भी उजागर करता है।
यह भर्ती घोटाला, जो इस वर्ष की शुरुआत में उजागर हुआ, कर्नाटक भर में पशु चिकित्सक पदों की चयन प्रक्रिया में हेरफेर से जुड़ा था। अधिकारियों पर योग्यताओं में बदलाव, मेरिट सूची में छेड़छाड़ और इच्छित उम्मीदवारों को पद दिलाने के लिए रिश्वत लेने का आरोप लगा। कई लोगों को गिरफ्तार किया गया और राज्य के भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी ने जांच जारी रखी है।
कर्नाटक सरकार ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि निलंबन चल रही कानूनी कार्यवाही के दौरान एक प्रक्रिया है। विभाग ने कहा कि यह कदम अधिकारी की दोषसिद्धि या निरपराधता को नहीं दर्शाता, बल्कि मामले के समाधान तक प्रशासनिक अखंडता बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अंतिम निर्णय के आधार पर निलंबन अधिकारी के सेवा रिकॉर्ड और भविष्य के लाभों को प्रभावित कर सकता है। यह कदम सार्वजनिक सेवाओं में भर्ती धोखाधड़ी को रोकने के लिए सरकार के व्यापक प्रयासों को भी उजागर करता है।