📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / WELL Labs
बिज़नेस
कर्नाटक ने पारंपरिक बंदरगाहों की बजाय एकीकृत समुद्री विकास को चुना
✍️ The Times of India
🗓 30 सित. 2026, 03:37 AM
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कर्नाटक सरकार ने पारंपरिक बंदरगाहों के विस्तार की बजाय एकीकृत समुद्री विकास पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया।
कर्नाटक सरकार ने अपने तटीय बुनियादी ढाँचे की नीति में एक रणनीतिक बदलाव का संकेत दिया है, जिससे पारंपरिक बंदरगाहों के विस्तार की बजाय एक व्यापक एकीकृत समुद्री विकास की ओर रुख किया गया है।
इस नए दिशा‑निर्देश का उद्देश्य बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स, जहाज़ निर्माण और सम्बंधित सेवाओं को आपस में जोड़ते हुए एक समन्वित पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है, जिससे व्यापार में वृद्धि, निवेश आकर्षित करना और तटवर्ती क्षेत्रों में रोजगार सृजन हो सके।
अधिकारियों ने कहा कि योजना के तहत मौजूदा सुविधाओं का आधुनिकीकरण, कनेक्टिविटी में सुधार और निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे कर्नाटक को क्षेत्र में एक प्रमुख समुद्री केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके।
इस नए दिशा‑निर्देश का उद्देश्य बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स, जहाज़ निर्माण और सम्बंधित सेवाओं को आपस में जोड़ते हुए एक समन्वित पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है, जिससे व्यापार में वृद्धि, निवेश आकर्षित करना और तटवर्ती क्षेत्रों में रोजगार सृजन हो सके।
अधिकारियों ने कहा कि योजना के तहत मौजूदा सुविधाओं का आधुनिकीकरण, कनेक्टिविटी में सुधार और निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे कर्नाटक को क्षेत्र में एक प्रमुख समुद्री केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके।