📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ginevrajocosa88
स्वास्थ्य
कर्नाटक के स्वास्थ्य अधिकारी को बेटी के 70,000 रुपये वेतन पद पर नियुक्ति के कारण निलंबित
✍️ India Today
🗓 19 सित. 2026, 05:16 AM
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कर्नाटक के एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी को तब निलंबित किया गया है जब यह आरोप लगा कि उनकी बेटी को पढ़ाई के दौरान ही 70,000 रुपये के वेतन वाले पद पर नियुक्त किया गया था।
कर्नाटक राज्य स्वास्थ्य विभाग ने एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी को निलंबित करने का कदम उठाया है, क्योंकि यह आरोप लगा कि उनकी बेटी को पढ़ाई के दौरान ही 70,000 रुपये के वेतन वाले पद पर नियुक्त किया गया था। यह जानकारी इंडिया टुडे ने रिपोर्ट की है, जिसमें भर्ती नियमों के उल्लंघन और विभाग में संभावित पक्षपात का संकेत दिया गया है।
विभागीय जांच के अनुसार, यह पद सामान्य प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के बिना दिया गया था, जिससे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में नियुक्तियों की पारदर्शिता पर सवाल उठे हैं। अधिकारी का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया, लेकिन उन्हें विस्तृत जांच के दौरान निलंबित किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि सभी समान नियुक्तियों की पुनः समीक्षा की जाएगी ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके। अधिकारियों ने कहा कि भर्ती मानदंडों के किसी भी उल्लंघन को कड़ी कार्रवाई के तहत सजा दी जाएगी, जिससे सार्वजनिक भरोसा बना रहे।
यह मामला हाल ही में कई भारतीय राज्यों में सरकारी नियुक्तियों की जांच के क्रम में आया है, जहाँ पक्षपात के आरोपों पर प्रशासनिक कदम उठाए जा रहे हैं। जांच के परिणाम के आधार पर अधिकारी के खिलाफ आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई, जिसमें बर्खास्तगी भी शामिल हो सकती है, तय की जाएगी।
विभागीय जांच के अनुसार, यह पद सामान्य प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के बिना दिया गया था, जिससे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में नियुक्तियों की पारदर्शिता पर सवाल उठे हैं। अधिकारी का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया, लेकिन उन्हें विस्तृत जांच के दौरान निलंबित किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि सभी समान नियुक्तियों की पुनः समीक्षा की जाएगी ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके। अधिकारियों ने कहा कि भर्ती मानदंडों के किसी भी उल्लंघन को कड़ी कार्रवाई के तहत सजा दी जाएगी, जिससे सार्वजनिक भरोसा बना रहे।
यह मामला हाल ही में कई भारतीय राज्यों में सरकारी नियुक्तियों की जांच के क्रम में आया है, जहाँ पक्षपात के आरोपों पर प्रशासनिक कदम उठाए जा रहे हैं। जांच के परिणाम के आधार पर अधिकारी के खिलाफ आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई, जिसमें बर्खास्तगी भी शामिल हो सकती है, तय की जाएगी।