📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Muhammad Mahdi Karim/ Augustus Binu
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कर्नाटक हाई कोर्ट ने सर्वेयर रिपोर्ट के आधार पर पारिवारिक जमीन का विभाजन मान्य किया
✍️ The Economic Times
🗓 23 सित. 2026, 02:37 PM
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कर्नाटक हाई कोर्ट ने एक पारिवारिक जमीन विवाद में तलुका सर्वेयर की रिपोर्ट को आधार बनाकर विभाजन को मान्यता दी और मालिकों को अपने‑अपने हिस्से अलग करने की अनुमति दी।
कर्नाटक हाई कोर्ट ने एक पारिवारिक जमीन विवाद में तलुका सर्वेयर की रिपोर्ट को आधार बनाकर विभाजन को मान्य किया और प्रत्येक सह‑मालिक को अपना अलग शीर्षक मिलने की अनुमति दी।
विरासत में मिली संपत्ति के स्पष्ट विभाजन की मांग करने वाले उत्तराधिकारियों ने दायर याचिका में सर्वेयर के माप को सटीक सीमा के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया। कोर्ट ने रिपोर्ट की विश्वसनीयता को मान्यता देते हुए राजस्व विभाग को अलग‑अलग भूमि अभिलेख जारी करने का निर्देश दिया।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला आधिकारिक सर्वे दस्तावेजों के महत्व को उजागर करता है, खासकर उन राज्यों में जहाँ पारिवारिक जमीन के विवाद आम हैं। यह निर्णय कर्नाटक में समान मामलों के लिए एक मिसाल बन सकता है।
कोर्ट ने पक्षकारों को जिला भूमि रजिस्ट्रार के साथ सहयोग करके विभाजन प्रक्रिया को बिना आगे की मुकदमेबाजी के पूरा करने का निर्देश भी दिया। अब मालिक अपने‑अपने हिस्से को विकसित या बेच सकते हैं।
विरासत में मिली संपत्ति के स्पष्ट विभाजन की मांग करने वाले उत्तराधिकारियों ने दायर याचिका में सर्वेयर के माप को सटीक सीमा के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया। कोर्ट ने रिपोर्ट की विश्वसनीयता को मान्यता देते हुए राजस्व विभाग को अलग‑अलग भूमि अभिलेख जारी करने का निर्देश दिया।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला आधिकारिक सर्वे दस्तावेजों के महत्व को उजागर करता है, खासकर उन राज्यों में जहाँ पारिवारिक जमीन के विवाद आम हैं। यह निर्णय कर्नाटक में समान मामलों के लिए एक मिसाल बन सकता है।
कोर्ट ने पक्षकारों को जिला भूमि रजिस्ट्रार के साथ सहयोग करके विभाजन प्रक्रिया को बिना आगे की मुकदमेबाजी के पूरा करने का निर्देश भी दिया। अब मालिक अपने‑अपने हिस्से को विकसित या बेच सकते हैं।