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26 जुल. 2026
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कर्नाटक उच्च न्यायालय ने दुर्घटना मुआवजे के लिए दाखिल आयकर रिटर्न की जाँच का आदेश दिया
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Muhammad Mahdi Karim/ Augustus Binu
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कर्नाटक उच्च न्यायालय ने दुर्घटना मुआवजे के लिए दाखिल आयकर रिटर्न की जाँच का आदेश दिया

✍️ Deccan Herald 🗓 26 जुल. 2026, 07:33 AM 👁 2

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने फैसला दिया है कि दुर्घटना मुआवजे की गणना के लिए दाखिल आयकर रिटर्न की जाँच अनिवार्य है।

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने एक निर्णय दिया है कि दुर्घटना पीड़ितों के मुआवजे की गणना के लिए दाखिल आयकर रिटर्न (ITR) की जाँच अनिवार्य है।
यह आदेश एक सड़क दुर्घटना के मामले में दिया गया था, जिसमें न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि करदाता द्वारा घोषित आय और संपत्ति को मुआवजे की राशि तय करने में ध्यान में रखा जाएगा।
ITR की जाँच अनिवार्य करके, न्यायालय का उद्देश्य अतिरंजित दावों को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि मुआवजा दावेदार की आर्थिक स्थिति के अनुरूप हो।
यह निर्णय राज्य भर में कई लंबित दुर्घटना दावों पर प्रभाव डालने की संभावना है, क्योंकि अब मुआवजा जारी करने से पहले वित्तीय सत्यापन की नई परत जुड़ गई है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय न्यायसंगत मुआवजे के सिद्धांत को सुदृढ़ करेगा और पीड़ितों को दावे दाखिल करने से पहले सटीक कर रिटर्न दाखिल करने के लिए प्रेरित कर सकता है।
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