📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Muhammad Mahdi Karim/ Augustus Binu
राजनीति
कर्नाटक हाई कोर्ट ने खरगे परिवार से जुड़े ट्रस्ट की लोकायुक्त जांच को मंजूरी दी
✍️ India Today
🗓 09 सित. 2026, 02:03 PM
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कर्नाटक हाई कोर्ट ने खरगे परिवार से जुड़े ट्रस्ट की लोकायुक्त जांच की अनुमति दी, जिससे संस्था की कार्यवाही पर औपचारिक जांच शुरू होगी।
कर्नाटक हाई कोर्ट ने सोमवार को एक आदेश जारी किया, जिससे राज्य के लोकायुक्त को खरगे परिवार से जुड़े एक चैरिटेबल ट्रस्ट की जांच शुरू करने की अनुमति मिली। यह आदेश उस याचिका के बाद आया, जिसमें ट्रस्ट की वित्तीय और प्रशासनिक प्रथाओं में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था।
लोकायुक्त, जो भ्रष्टाचार विरोधी एक स्वतंत्र संस्था है, अब ट्रस्ट के खातों, निधियों के स्रोत और सार्वजनिक संसाधनों के संभावित दुरुपयोग की जांच कर सकेगा। लोकायुक्त कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि वे अगले कुछ हफ्तों में जांच टीम नियुक्त करेंगे।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदेश प्रमुख राजनीतिक व्यक्तियों से जुड़े संस्थानों की जांच में न्यायपालिका की तत्परता को दर्शाता है, जिससे राज्य में जवाबदेही तंत्र मजबूत होता है। खरगे परिवार ने इस विकास पर अभी तक कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है, और ट्रस्ट ने भी कोई बयान जारी नहीं किया है।
यह जांच कर्नाटक के राजनीतिक माहौल में पारदर्शिता की मांग के बीच आती है, जहाँ विपक्षी दल राजनेताओं से जुड़े चैरिटेबल फाउंडेशन की स्पष्टता की मांग कर रहे हैं। जांच के परिणाम परिवार की राजनीतिक स्थिति पर असर डाल सकते हैं, विशेषकर आगामी चुनावों से पहले।
लोकायुक्त, जो भ्रष्टाचार विरोधी एक स्वतंत्र संस्था है, अब ट्रस्ट के खातों, निधियों के स्रोत और सार्वजनिक संसाधनों के संभावित दुरुपयोग की जांच कर सकेगा। लोकायुक्त कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि वे अगले कुछ हफ्तों में जांच टीम नियुक्त करेंगे।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदेश प्रमुख राजनीतिक व्यक्तियों से जुड़े संस्थानों की जांच में न्यायपालिका की तत्परता को दर्शाता है, जिससे राज्य में जवाबदेही तंत्र मजबूत होता है। खरगे परिवार ने इस विकास पर अभी तक कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है, और ट्रस्ट ने भी कोई बयान जारी नहीं किया है।
यह जांच कर्नाटक के राजनीतिक माहौल में पारदर्शिता की मांग के बीच आती है, जहाँ विपक्षी दल राजनेताओं से जुड़े चैरिटेबल फाउंडेशन की स्पष्टता की मांग कर रहे हैं। जांच के परिणाम परिवार की राजनीतिक स्थिति पर असर डाल सकते हैं, विशेषकर आगामी चुनावों से पहले।