📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Zilla Panchayat, Mysore district
सरकारी योजना
कर्नाटक सरकार ने आरटीसी प्रणाली में बदलाव, जमीन के अधिकारों में स्पष्टता
✍️ mangaloretoday.com
🗓 17 सित. 2026, 10:01 AM
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कर्नाटक सरकार ने राज्य की आरटीसी प्रणाली को व्यापक रूप से पुनर्गठित करने की घोषणा की, जिससे जमीन के अधिकारों की स्पष्टता और सुरक्षा बढ़ेगी।
राज्य सरकार ने राजस्व ट्रांसफर सर्टिफिकेट (आरटीसी) प्रक्रिया में सुधार की मंजूरी दी, जो कर्नाटक की भूमि‑रिकॉर्ड प्रणाली का अहम हिस्सा है। इन बदलावों का उद्देश्य जमीन के शीर्षक जारी करने और सत्यापित करने की प्रक्रिया को तेज़ और सरल बनाना है, जिससे संपत्ति मालिकों और विकासकों को होने वाले लंबे इंतजार को कम किया जा सके।
नए नियमों के तहत डिजिटल एकीकरण को बढ़ाया जाएगा, जिससे आवेदक ऑनलाइन दस्तावेज़ जमा कर सकते हैं और एकीकृत पोर्टल के माध्यम से अपने आरटीसी की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि इससे प्रक्रिया का समय हफ्तों से घटकर कुछ दिनों में आ जाएगा और धोखाधड़ी की संभावना भी कम होगी।
सरकार ने पूरे राज्य में मौजूदा आरटीसी की जाँच करने और विसंगतियों को दूर करने का वचन दिया है, ताकि स्वामित्व रिकॉर्ड वर्तमान वास्तविकताओं को दर्शाएँ। किसान समूह और रियल‑एस्टेट संघों ने इस पहल का स्वागत किया, यह मानते हुए कि स्पष्ट शीर्षक निवेश को बढ़ावा देंगे और कानूनी विवादों को घटाएंगे।
कार्यान्वयन की देखरेख राजस्व विभाग करेगा, जिसमें क्लर्कों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम और सार्वजनिक जागरूकता अभियान आगामी महीनों में शुरू किए जाएंगे।
नए नियमों के तहत डिजिटल एकीकरण को बढ़ाया जाएगा, जिससे आवेदक ऑनलाइन दस्तावेज़ जमा कर सकते हैं और एकीकृत पोर्टल के माध्यम से अपने आरटीसी की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि इससे प्रक्रिया का समय हफ्तों से घटकर कुछ दिनों में आ जाएगा और धोखाधड़ी की संभावना भी कम होगी।
सरकार ने पूरे राज्य में मौजूदा आरटीसी की जाँच करने और विसंगतियों को दूर करने का वचन दिया है, ताकि स्वामित्व रिकॉर्ड वर्तमान वास्तविकताओं को दर्शाएँ। किसान समूह और रियल‑एस्टेट संघों ने इस पहल का स्वागत किया, यह मानते हुए कि स्पष्ट शीर्षक निवेश को बढ़ावा देंगे और कानूनी विवादों को घटाएंगे।
कार्यान्वयन की देखरेख राजस्व विभाग करेगा, जिसमें क्लर्कों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम और सार्वजनिक जागरूकता अभियान आगामी महीनों में शुरू किए जाएंगे।