📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / News World India
राजनीति
कर्नाटक के उपमुख्य मंत्री ने गारंटी योजनाओं से राज्य की वित्तीय स्थिति पर दबाव की चेतावनी दी
✍️ The Hindu
🗓 28 सित. 2026, 07:38 PM
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कर्नाटक के उपमुख्य मंत्री ने बताया कि राज्य की गारंटी योजनाएँ उसकी वित्तीय स्थिति पर दबाव डाल रही हैं, और नीति की समीक्षा की मांग की।
कर्नाटक के उपमुख्य मंत्री ने आज मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य की गारंटी योजनाएँ सार्वजनिक वित्त पर भारी बोझ डाल रही हैं। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों का समर्थन करना है, परंतु इनसे जुड़ी लागतें हाल के वर्षों में काफी बढ़ गई हैं।
गारंटी योजनाएँ आम तौर पर राज्य द्वारा ऋणों की गारंटी देने या व्यवसायों और संस्थानों को वित्तीय सहायता प्रदान करने पर आधारित होती हैं। यद्यपि ये योजनाएँ विकास को बढ़ावा देती हैं, परंतु इनकी कुल लागत में लगातार वृद्धि हुई है।
उपमुख्य मंत्री के अनुसार, बढ़ती हुई दायित्वों के कारण राज्य का वित्तीय घाटा बढ़ रहा है और उधारी की आवश्यकता भी बढ़ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह प्रवृत्ति राज्य की आवश्यक सेवाओं के लिए धन उपलब्ध कराने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है।
उन्होंने गारंटी ढांचे की व्यापक समीक्षा का आह्वान किया और विकास के समर्थन और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाने के लिए सुधारों का प्रस्ताव रखा।
गारंटी योजनाएँ आम तौर पर राज्य द्वारा ऋणों की गारंटी देने या व्यवसायों और संस्थानों को वित्तीय सहायता प्रदान करने पर आधारित होती हैं। यद्यपि ये योजनाएँ विकास को बढ़ावा देती हैं, परंतु इनकी कुल लागत में लगातार वृद्धि हुई है।
उपमुख्य मंत्री के अनुसार, बढ़ती हुई दायित्वों के कारण राज्य का वित्तीय घाटा बढ़ रहा है और उधारी की आवश्यकता भी बढ़ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह प्रवृत्ति राज्य की आवश्यक सेवाओं के लिए धन उपलब्ध कराने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है।
उन्होंने गारंटी ढांचे की व्यापक समीक्षा का आह्वान किया और विकास के समर्थन और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाने के लिए सुधारों का प्रस्ताव रखा।