📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Information and Broadcasting
राजनीति
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवाकुमार ने यूपीआई शुल्क को ‘जब्ती’ कहा, वापसी की माँग
✍️ India Today
🗓 18 सित. 2026, 05:47 AM
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उपमुख्यमंत्री डीके शिवाकुमार ने यूपीआई लेन‑देन पर लगाए गए शुल्क को नागरिकों की जब्ती कहा और तत्काल वापसी की मांग की।
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवाकुमार ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस (UPI) पर लेन‑देन शुल्क लगाने के केंद्र सरकार के फैसले की कड़ी निंदा की, इसे नागरिकों की जब्ती कहा।
वित्त मंत्रालय द्वारा घोषित यह शुल्क संचालन लागत को कवर करने के उद्देश्य से बताया गया है, परन्तु राज्य नेताओं ने कहा कि यह कम आय वाले उपयोगकर्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालेगा और डिजिटल भुगतान प्रणाली को कमजोर करेगा, जिसने वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दिया है।
शिवाकुमार ने कहा कि यह कदम सरकार के मुफ्त डिजिटल लेन‑देन के वादे के विपरीत है और तुरंत इस शुल्क को वापस लेने की मांग की, साथ ही केंद्र को ऐसे उपाय लागू करने से पहले राज्यों से परामर्श करने का आग्रह किया।
उन्होंने चेतावनी दी कि शुल्क लागू होने से UPI के तेज़ी से बढ़ते उपयोग में गिरावट आ सकती है, जिससे छोटे व्यापारियों और दैनिक मजदूरों को, जो इस प्लेटफ़ॉर्म पर निर्भर हैं, नुकसान हो सकता है।
वित्त मंत्रालय द्वारा घोषित यह शुल्क संचालन लागत को कवर करने के उद्देश्य से बताया गया है, परन्तु राज्य नेताओं ने कहा कि यह कम आय वाले उपयोगकर्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालेगा और डिजिटल भुगतान प्रणाली को कमजोर करेगा, जिसने वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दिया है।
शिवाकुमार ने कहा कि यह कदम सरकार के मुफ्त डिजिटल लेन‑देन के वादे के विपरीत है और तुरंत इस शुल्क को वापस लेने की मांग की, साथ ही केंद्र को ऐसे उपाय लागू करने से पहले राज्यों से परामर्श करने का आग्रह किया।
उन्होंने चेतावनी दी कि शुल्क लागू होने से UPI के तेज़ी से बढ़ते उपयोग में गिरावट आ सकती है, जिससे छोटे व्यापारियों और दैनिक मजदूरों को, जो इस प्लेटफ़ॉर्म पर निर्भर हैं, नुकसान हो सकता है।