📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kolkata Knight Riders - Official
खेल
कर्नाटक के कोच विनय कुमार ने रंजि ट्रॉफी 2026-27 में युवा खिलाड़ियों को तैयार करने का संकल्प
✍️ Sportstar
🗓 10 अक्टू. 2026, 01:47 PM
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कर्नाटक के मुख्य कोच विनय कुमार ने रंजि ट्रॉफी 2026-27 से पहले युवा खिलाड़ियों को प्रथम श्रेणी क्रिकेट की चुनौतियों के लिए तैयार करने को अपनी प्राथमिकता बताया।
कर्नाटक की क्रिकेट टीम रंजि ट्रॉफी 2026-27 में अपेक्षाकृत युवा खिलाड़ियों के साथ प्रवेश कर रही है, जिससे मुख्य कोच विनय कुमार ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट की मांगों को समझाने पर ध्यान केंद्रित किया है। पूर्व भारतीय तेज़ गेंदबाज़ कुमार ने बताया कि टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने अभी तक बहु‑दिवसीय मैचों का दबाव नहीं झेला है।
हालिया ब्रीफ़िंग में कुमार ने मानसिक दृढ़ता और रणनीतिक अनुशासन की आवश्यकता पर ज़ोर दिया, यह कहते हुए कि शुरुआती उच्च‑दांव स्थितियों का सामना करने से खिलाड़ियों का विकास तेज़ होगा। वह प्रशिक्षण शिविरों में मैच‑दिन की तीव्रता का अनुकरण करने और वरिष्ठ खिलाड़ियों को नवागंतुकों के मेंटर के रूप में नियुक्त करने की योजना बना रहे हैं।
परम्परागत रूप से घरेलू क्रिकेट में शक्ति केंद्र रहे कर्नाटक ने इस बदलाव के बावजूद प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त बनाए रखने का लक्ष्य रखा है। कोचिंग स्टाफ मानता है कि दबाव को संभालने की संरचित पद्धति न केवल इस सीज़न में बल्कि भविष्य की प्रतिभा पाइपलाइन को भी सुदृढ़ करेगी।
नवंबर में शुरू होने वाली रंजि ट्रॉफी में कुमार की रणनीति की प्रभावशीलता का परीक्षण होगा, क्योंकि कर्नाटक को देश भर के अनुभवी प्रतिद्वंद्वियों का सामना करना पड़ेगा। सफलता केवल जीत में नहीं, बल्कि इस युवा समूह के प्रथम श्रेणी क्रिकेट की कठोरताओं को कितनी जल्दी अपनाने में भी मापी जाएगी।
हालिया ब्रीफ़िंग में कुमार ने मानसिक दृढ़ता और रणनीतिक अनुशासन की आवश्यकता पर ज़ोर दिया, यह कहते हुए कि शुरुआती उच्च‑दांव स्थितियों का सामना करने से खिलाड़ियों का विकास तेज़ होगा। वह प्रशिक्षण शिविरों में मैच‑दिन की तीव्रता का अनुकरण करने और वरिष्ठ खिलाड़ियों को नवागंतुकों के मेंटर के रूप में नियुक्त करने की योजना बना रहे हैं।
परम्परागत रूप से घरेलू क्रिकेट में शक्ति केंद्र रहे कर्नाटक ने इस बदलाव के बावजूद प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त बनाए रखने का लक्ष्य रखा है। कोचिंग स्टाफ मानता है कि दबाव को संभालने की संरचित पद्धति न केवल इस सीज़न में बल्कि भविष्य की प्रतिभा पाइपलाइन को भी सुदृढ़ करेगी।
नवंबर में शुरू होने वाली रंजि ट्रॉफी में कुमार की रणनीति की प्रभावशीलता का परीक्षण होगा, क्योंकि कर्नाटक को देश भर के अनुभवी प्रतिद्वंद्वियों का सामना करना पड़ेगा। सफलता केवल जीत में नहीं, बल्कि इस युवा समूह के प्रथम श्रेणी क्रिकेट की कठोरताओं को कितनी जल्दी अपनाने में भी मापी जाएगी।