📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pradimani
टेक्नोलॉजी
कर्नाटक सीईओ ने राज्य सूचना रजिस्ट्री में डुप्लिकेट आईडी की पुष्टि, लापरवाही स्वीकार की
✍️ The Times of India
🗓 08 नव. 2026, 09:32 PM
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कर्नाटक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि राज्य सूचना रजिस्ट्री में डुप्लिकेट आईडी मिली हैं और इस त्रुटि के पीछे प्रक्रियात्मक लापरवाही को स्वीकार किया है।
कर्नाटक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने राज्य सूचना रजिस्ट्री (SIR) में डुप्लिकेट पहचान संख्याओं की खोज के बाद इस त्रुटि को स्वीकार किया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, डेटा प्रविष्टि और सत्यापन प्रक्रियाओं में कमी के कारण एक ही आईडी कई रिकॉर्ड में दर्ज हो गई थी।
सीईओ ने बताया कि यह समस्या हालिया डेटा माइग्रेशन के दौरान अपर्याप्त क्रॉस‑चेकिंग के कारण उत्पन्न हुई। तुरंत उठाए गए कदमों में सभी प्रविष्टियों का व्यापक ऑडिट, सत्यापन कार्यप्रवाह का पुनः डिज़ाइन और भविष्य में ऐसी त्रुटियों को रोकने के लिए अतिरिक्त तकनीकी सुरक्षा उपाय शामिल हैं।
विभाग ने आश्वासन दिया है कि कोई व्यक्तिगत डेटा उल्लंघन नहीं हुआ है और डुप्लिकेट आईडी नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं को प्रभावित नहीं करतीं। corrective actions पर विस्तृत रिपोर्ट अगले दो हफ़्तों के भीतर राज्य सरकार को प्रस्तुत की जाएगी।
यह घटना राज्य स्तर पर बड़े पैमाने पर डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन की चुनौतियों को उजागर करती है, जिससे कड़ी निगरानी और मजबूत डेटा‑प्रबंधन प्रणाली में निवेश की मांग बढ़ रही है।
सीईओ ने बताया कि यह समस्या हालिया डेटा माइग्रेशन के दौरान अपर्याप्त क्रॉस‑चेकिंग के कारण उत्पन्न हुई। तुरंत उठाए गए कदमों में सभी प्रविष्टियों का व्यापक ऑडिट, सत्यापन कार्यप्रवाह का पुनः डिज़ाइन और भविष्य में ऐसी त्रुटियों को रोकने के लिए अतिरिक्त तकनीकी सुरक्षा उपाय शामिल हैं।
विभाग ने आश्वासन दिया है कि कोई व्यक्तिगत डेटा उल्लंघन नहीं हुआ है और डुप्लिकेट आईडी नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं को प्रभावित नहीं करतीं। corrective actions पर विस्तृत रिपोर्ट अगले दो हफ़्तों के भीतर राज्य सरकार को प्रस्तुत की जाएगी।
यह घटना राज्य स्तर पर बड़े पैमाने पर डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन की चुनौतियों को उजागर करती है, जिससे कड़ी निगरानी और मजबूत डेटा‑प्रबंधन प्रणाली में निवेश की मांग बढ़ रही है।