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कर्नाटक: 300 साल पुरानी शिवलिंगाकार बावड़ी कचरे के दशकों बाद पुनर्जीवित
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bijay Chaurasia
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कर्नाटक: 300 साल पुरानी शिवलिंगाकार बावड़ी कचरे के दशकों बाद पुनर्जीवित

✍️ The Economic Times 🗓 06 जुल. 2026, 09:17 AM 👁 43
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कर्नाटक में दशकों तक कचरे के ढेर तले दबी रही 300 साल पुरानी शिवलिंगाकार बावड़ी को पुनर्जीवित किया गया है।

कर्नाटक में एक प्राचीन बावड़ी को पुनर्जीवित किया गया है, जिसका अनुमानित आयु 300 वर्ष है और यह शिवलिंगाकार में निर्मित है। यह ऐतिहासिक संरचना दशकों से कचरे के ढेर के नीचे दबी हुई थी।

पुनर्जीवन के प्रयासों से इस बावड़ी को फिर से खोजा गया है, जिससे इसके विशिष्ट वास्तुशिल्प स्वरूप का पता चला है। यह खोज क्षेत्र में जल प्रबंधन प्रणालियों और धार्मिक प्रतीकों के ऐतिहासिक महत्व को उजागर करती है, जो उपेक्षा की लंबी अवधि के बाद अब सुलभ हो गए हैं।

यह महत्वपूर्ण खोज भारत की समृद्ध विरासत के संरक्षण के महत्व को रेखांकित करती है, जिसमें यह बावड़ी अतीत से एक ठोस जुड़ाव के रूप में कार्य करती है।
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