📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
मनोरंजन
करेना कपूर का बिपाशा बासु पर थप्पड़: 2000 के दशक का बॉलीवुड ड्रामा
✍️ NDTV
🗓 06 अग. 2026, 07:48 PM
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2009 में, करिना कपूर ने फ़िल्म सेट पर अभिनेत्री बिपाशा बासु पर थप्पड़ मारा, जिससे मीडिया में हलचल और बॉलीवुड की शक्ति संरचना पर सवाल उठे।
12 सितंबर 2009 को, फ़िल्म ‘काल’ की शूटिंग के दौरान, करिना कपूर ने कथित तौर पर अभिनेत्री बिपाशा बासु को एक गर्म बहस में थप्पड़ मारा, जो संवाद की पंक्ति पर असहमति के कारण हुआ। यह घटना एक छिपे हुए कैमरे पर कैद हुई और सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई।
इसके बाद मीडिया में हलचल मची, जहाँ टेलीविजन चैनलों ने सनसनीखेज शीर्षक प्रकाशित किये। दोनों अभिनेत्रियों ने बयान जारी किये; करिना ने अपनी कार्रवाई को बासु के कथित अनादर के प्रति प्रतिक्रिया बताया, जबकि बासु ने पेशेवर सीमाओं को पार करने का आरोप लगाया।
कानूनी कार्रवाई शुरू हुई, पर अंततः दोनों पक्षों के बीच समझौते के बाद मामला खारिज कर दिया गया। इस घटना ने उद्योग के अंदर शक्ति संतुलन पर चर्चा को बढ़ावा दिया, जहाँ स्थापित सितारों और उनके निकट सहयोगियों को अक्सर लाभ मिलता है।
यह थप्पड़ बॉलीवुड में ‘नेपोलिटिक’ (नियो-परिवार) के व्यापक बहस का प्रतीक बन गया, यह दिखाते हुए कि प्रभावशाली व्यक्तियों को जवाबदेह ठहराना अक्सर मुश्किल होता है, एक पैटर्न जिसे आलोचकों का मानना है कि 2000 के दशक में प्रचलित था।
इसके बाद मीडिया में हलचल मची, जहाँ टेलीविजन चैनलों ने सनसनीखेज शीर्षक प्रकाशित किये। दोनों अभिनेत्रियों ने बयान जारी किये; करिना ने अपनी कार्रवाई को बासु के कथित अनादर के प्रति प्रतिक्रिया बताया, जबकि बासु ने पेशेवर सीमाओं को पार करने का आरोप लगाया।
कानूनी कार्रवाई शुरू हुई, पर अंततः दोनों पक्षों के बीच समझौते के बाद मामला खारिज कर दिया गया। इस घटना ने उद्योग के अंदर शक्ति संतुलन पर चर्चा को बढ़ावा दिया, जहाँ स्थापित सितारों और उनके निकट सहयोगियों को अक्सर लाभ मिलता है।
यह थप्पड़ बॉलीवुड में ‘नेपोलिटिक’ (नियो-परिवार) के व्यापक बहस का प्रतीक बन गया, यह दिखाते हुए कि प्रभावशाली व्यक्तियों को जवाबदेह ठहराना अक्सर मुश्किल होता है, एक पैटर्न जिसे आलोचकों का मानना है कि 2000 के दशक में प्रचलित था।