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करौली में वृद्धाश्रम में निरीक्षण पर भोजन, सफ़ाई व स्टाफ में गंभीर कमी पाई गई
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश प्रताप सिंह मीना ने करौली के वृद्धाश्रम का निरीक्षण किया, जहाँ रजिस्टर में दर्ज 16 बुजुर्गों में से केवल 12 मिले, रसोइया अनुपस्थित तथा साफ‑सफ़ाई और भोजन में कई खामियां पाई गईं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश प्रताप सिंह मीना ने विवेक वर्धनी शिक्षा एवं मनोविकास सेवा समिति द्वारा संचालित करौली स्थित वृद्धाश्रम का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य भोजन, साफ‑सफ़ाई, कर्मचारियों की उपस्थिति और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति का जायजा लेना था।
रजिस्टर में 16 बुजुर्गों की हाजिरी दर्ज होने के बावजूद स्थल पर केवल 12 बुजुर्ग ही मिले। साथ ही रसोइया भी अनुपस्थित था और कुल दो ही कर्मचारी उपस्थित पाए गए। यह तथ्य वृद्धाश्रम की कार्यप्रणाली में स्पष्ट कमी दर्शाता है।
बुजुर्गों ने बताया कि उन्हें समय पर चाय‑नाश्ता नहीं मिलता और उन्हें सूखी रोटियां दी जा रही हैं। भोजन की गुणवत्ता और समयबद्धता के संबंध में उनकी शिकायतें गंभीर रूप से दर्ज की गईं।
वृद्धाश्रम के प्रभारी ने इन प्रश्नों के उत्तर में संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया, जिससे निरीक्षण टीम को संस्थान की व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता स्पष्ट हुई।
रजिस्टर में 16 बुजुर्गों की हाजिरी दर्ज होने के बावजूद स्थल पर केवल 12 बुजुर्ग ही मिले। साथ ही रसोइया भी अनुपस्थित था और कुल दो ही कर्मचारी उपस्थित पाए गए। यह तथ्य वृद्धाश्रम की कार्यप्रणाली में स्पष्ट कमी दर्शाता है।
बुजुर्गों ने बताया कि उन्हें समय पर चाय‑नाश्ता नहीं मिलता और उन्हें सूखी रोटियां दी जा रही हैं। भोजन की गुणवत्ता और समयबद्धता के संबंध में उनकी शिकायतें गंभीर रूप से दर्ज की गईं।
वृद्धाश्रम के प्रभारी ने इन प्रश्नों के उत्तर में संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया, जिससे निरीक्षण टीम को संस्थान की व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता स्पष्ट हुई।