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करौली में सामान्य जन चेतना मंच का मतदाता जागरूकता अभियान: पम्पलेट से संविधान और आरक्षण पर चर्चा
करौली के सामान्य जन चेतना मंच ने बिनेगा टटवाई, गोलारा, गुवरेड़ा आदि गांवों में पम्पलेट वितरित कर मतदाताओं को संविधान, आरक्षण और यूजीसी विनियमों के बारे में जागरूक किया।
करौली में सामान्य जन चेतना मंच ने हाल ही में पंचायती राज के मद्देनजर मतदाता जनजागरण अभियान प्रारंभ किया। बिनेगा टटवाई, गोलारा, गुवरेड़ा, मासलपुर, खनपुरा, केशपुरा, बल्लापुरा आदि गांवों में बैठकें आयोजित कर घर-घर जनसंपर्क किया गया और जागरूकता पम्पलेट वितरित किए गए।
अभियान का संचालन महेश सिंह, पूर्व सरपंच, के नेतृत्व में अभय शास्त्री एवं देव कुमार शर्मा ने किया। महेश सिंह ने बताया कि अभियान का उद्देश्य सामान्य वर्ग के मतदाताओं को संविधान संशोधनों, आरक्षण नीतियों, यूजीसी विनियमों तथा सामान्य समाज के अधिकारों और हितों से जुड़े मुद्दों की जानकारी देकर जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि मतदान एक संवैधानिक अधिकार के साथ-साथ जिम्मेदारी भी है, इसलिए मतदाताओं को चुनाव से पहले नीतियों और कानूनों का अध्ययन करना चाहिए।
पम्पलेट के माध्यम से मतदाताओं का ध्यान संविधान संशोधनों, अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में हुए बदलावों और 13 जनवरी 2026 को अधिसूचित यूजीसी विनियमों पर आकर्षित किया जा रहा है। मंच का मानना है कि इन प्रावधानों के सामाजिक एवं शैक्षणिक प्रभावों पर व्यापक चर्चा और जनजागरूकता आवश्यक है, ताकि नागरिक अपने अधिकारों, अवसरों और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सजग रह सकें।
महेश सिंह ने मतदाताओं से अपील की कि वे अपने होनहार बच्चों के भविष्य, शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों और सामाजिक समरसता पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को ध्यान में रखते हुए चुनाव में विवेकपूर्ण निर्णय लें। उन्होंने कहा कि मतदाता किसी भी राजनीतिक दल के दावों से प्रभावित होने के बजाय उसकी नीतियों, निर्णयों और कार्यों का निष्पक्ष मूल्यांकन करें तथा अपने मताधिकार का प्रयोग सोच-समझकर करें।
अभियान के दौरान ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष भगवती प्रसाद शर्मा, कल्याण प्रसाद पाराशर, देवेंद्र शर्मा, छोटेलाल सिंघानिया, रामरज शर्मा, शिव प्रसाद शर्मा, सचिन सहित अनेक कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे। मंच के कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव जनसंपर्क कर अधिक से अधिक मतदाताओं तक जागरूकता संदेश पहुंचाने तथा उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने का संकल्प व्यक्त किया।
अभियान का संचालन महेश सिंह, पूर्व सरपंच, के नेतृत्व में अभय शास्त्री एवं देव कुमार शर्मा ने किया। महेश सिंह ने बताया कि अभियान का उद्देश्य सामान्य वर्ग के मतदाताओं को संविधान संशोधनों, आरक्षण नीतियों, यूजीसी विनियमों तथा सामान्य समाज के अधिकारों और हितों से जुड़े मुद्दों की जानकारी देकर जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि मतदान एक संवैधानिक अधिकार के साथ-साथ जिम्मेदारी भी है, इसलिए मतदाताओं को चुनाव से पहले नीतियों और कानूनों का अध्ययन करना चाहिए।
पम्पलेट के माध्यम से मतदाताओं का ध्यान संविधान संशोधनों, अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में हुए बदलावों और 13 जनवरी 2026 को अधिसूचित यूजीसी विनियमों पर आकर्षित किया जा रहा है। मंच का मानना है कि इन प्रावधानों के सामाजिक एवं शैक्षणिक प्रभावों पर व्यापक चर्चा और जनजागरूकता आवश्यक है, ताकि नागरिक अपने अधिकारों, अवसरों और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सजग रह सकें।
महेश सिंह ने मतदाताओं से अपील की कि वे अपने होनहार बच्चों के भविष्य, शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों और सामाजिक समरसता पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को ध्यान में रखते हुए चुनाव में विवेकपूर्ण निर्णय लें। उन्होंने कहा कि मतदाता किसी भी राजनीतिक दल के दावों से प्रभावित होने के बजाय उसकी नीतियों, निर्णयों और कार्यों का निष्पक्ष मूल्यांकन करें तथा अपने मताधिकार का प्रयोग सोच-समझकर करें।
अभियान के दौरान ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष भगवती प्रसाद शर्मा, कल्याण प्रसाद पाराशर, देवेंद्र शर्मा, छोटेलाल सिंघानिया, रामरज शर्मा, शिव प्रसाद शर्मा, सचिन सहित अनेक कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे। मंच के कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव जनसंपर्क कर अधिक से अधिक मतदाताओं तक जागरूकता संदेश पहुंचाने तथा उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने का संकल्प व्यक्त किया।