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करौली: खुले में कचरा फेंकने और गोवंश पर हमले के खिलाफ बजरंग एवं गौ सेवा समिति ने सौंपा ज्ञापन
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करौली में बेसहारा गोवंश पर जानलेवा हमले और खुले में कचरा फेंकने के गंभीर मुद्दे को लेकर 'बजरंग एवं गौ सेवा समिति' ने नगर परिषद सभापति को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
नमस्कार आप देख रहे है नीड 24 संवाददाता बुद्धिप्रकाश माली राजस्थान के करौली शहर में खुले में कचरा फेंकने और बेसहारा गोवंश पर हो रहे जानलेवा हमलों का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर 'बजरंग एवं गौ सेवा समिति' ने नगर परिषद के सभापति सुनील सैनी को एक आधिकारिक शिकायत पत्र सौंपकर तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है।
समिति के तहसील अध्यक्ष अभिनव शर्मा (अभी पंडित) और अन्य सदस्यों का आरोप है कि हिण्डौन गेट से लेकर गुलाब बाग और नई-पुरानी सब्जी मंडी तक, कई ठेले वाले अपनी दुकानों का कचरा डस्टबिन में डालने के बजाय सड़कों पर खुले में फेंक रहे हैं। इस कचरे को खाने के लिए जब बेसहारा गोवंश वहां जमा होता है, तो कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उनके साथ बेरहमी से मारपीट की जाती है। समिति ने बताया कि बेजुबान जानवरों पर डंडों और चाकुओं से वार करने की दिल दहला देने वाली घटनाएं भी सामने आई हैं।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि उन्होंने दो-तीन दिन पहले भी प्रशासन को इस बारे में सूचित किया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। खुले में फैले कचरे से जहां एक तरफ बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ गोवंश की जान पर भी बन आई है।
समिति ने प्रशासन से दो मुख्य मांगें की हैं: पहला, खुले में कचरा फेंकने वाले दुकानदारों पर तुरंत पाबंदी लगाई जाए और उन पर भारी जुर्माना लगाया जाए। दूसरा, मूक पशुओं पर चाकुओं से हमला करने वाले अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि नगर परिषद प्रशासन इस मामले पर कितनी जल्दी कार्रवाई करता है।
समिति के तहसील अध्यक्ष अभिनव शर्मा (अभी पंडित) और अन्य सदस्यों का आरोप है कि हिण्डौन गेट से लेकर गुलाब बाग और नई-पुरानी सब्जी मंडी तक, कई ठेले वाले अपनी दुकानों का कचरा डस्टबिन में डालने के बजाय सड़कों पर खुले में फेंक रहे हैं। इस कचरे को खाने के लिए जब बेसहारा गोवंश वहां जमा होता है, तो कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उनके साथ बेरहमी से मारपीट की जाती है। समिति ने बताया कि बेजुबान जानवरों पर डंडों और चाकुओं से वार करने की दिल दहला देने वाली घटनाएं भी सामने आई हैं।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि उन्होंने दो-तीन दिन पहले भी प्रशासन को इस बारे में सूचित किया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। खुले में फैले कचरे से जहां एक तरफ बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ गोवंश की जान पर भी बन आई है।
समिति ने प्रशासन से दो मुख्य मांगें की हैं: पहला, खुले में कचरा फेंकने वाले दुकानदारों पर तुरंत पाबंदी लगाई जाए और उन पर भारी जुर्माना लगाया जाए। दूसरा, मूक पशुओं पर चाकुओं से हमला करने वाले अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि नगर परिषद प्रशासन इस मामले पर कितनी जल्दी कार्रवाई करता है।