Education
करौली के निशब्द विद्यालय में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
करौली के निशब्द विद्यालय में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आह्वान पर 'नशामुक्त विद्यालय–नशामुक्त राजस्थान' अभियान के तहत एक नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मूक-बधिर विद्यार्थियों ने सांकेतिक भाषा में नशे के विरुद्ध शपथ ली।
करौली: नशे जैसी सामाजिक बुराई से विद्यार्थियों एवं युवाओं को बचाकर स्वस्थ, संस्कारवान और जागरूक समाज का निर्माण करने के उद्देश्य से अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान विद्यालय शिक्षा के आह्वान पर 10 अक्टूबर को प्रदेशव्यापी ‘नशामुक्त विद्यालय–नशामुक्त राजस्थान’ अभियान के अंतर्गत एकट बोधग्राम द्वारा संचालित निशब्द विद्यालय में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय के मूक-बधिर विद्यार्थियों ने सांकेतिक भाषा के माध्यम से नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ लेकर सामाजिक चेतना का प्रेरक संदेश दिया। संस्था के कार्यक्रम प्रभारी मनोज शर्मा ने बताया कि यह कार्यक्रम नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए आयोजित किया गया था।
इस अवसर पर संस्था के प्रधानाचार्य रविंद्र पुरोहित ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके परिवार और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करता है। उन्होंने युवावस्था में नशे से दूरी बनाकर खेल, शिक्षा, रचनात्मक गतिविधियों और सकारात्मक विचारों को अपनाने पर जोर दिया।
पुरोहित ने आगे कहा कि विद्यालय केवल किताबी ज्ञान देने का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार, चरित्र निर्माण और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। नशामुक्त समाज का सपना तभी साकार होगा, जब शिक्षक, अभिभावक, विद्यार्थी और समाज के सभी वर्ग मिलकर इस दिशा में सामूहिक प्रयास करेंगे। कार्यक्रम में लगभग 40 स्टाफ सदस्यों और 200 विद्यार्थियों ने नशा मुक्ति की शपथ ली।
कार्यक्रम में विद्यालय के मूक-बधिर विद्यार्थियों ने सांकेतिक भाषा के माध्यम से नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ लेकर सामाजिक चेतना का प्रेरक संदेश दिया। संस्था के कार्यक्रम प्रभारी मनोज शर्मा ने बताया कि यह कार्यक्रम नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए आयोजित किया गया था।
इस अवसर पर संस्था के प्रधानाचार्य रविंद्र पुरोहित ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके परिवार और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करता है। उन्होंने युवावस्था में नशे से दूरी बनाकर खेल, शिक्षा, रचनात्मक गतिविधियों और सकारात्मक विचारों को अपनाने पर जोर दिया।
पुरोहित ने आगे कहा कि विद्यालय केवल किताबी ज्ञान देने का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार, चरित्र निर्माण और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। नशामुक्त समाज का सपना तभी साकार होगा, जब शिक्षक, अभिभावक, विद्यार्थी और समाज के सभी वर्ग मिलकर इस दिशा में सामूहिक प्रयास करेंगे। कार्यक्रम में लगभग 40 स्टाफ सदस्यों और 200 विद्यार्थियों ने नशा मुक्ति की शपथ ली।