Agriculture
किन्नौर में सेब सीजन चरम पर बागवान ग्रेडिंग - पैकिंग कर मंडियों तक पहुंचा रहे नकदी फसल
रिकांगपिओ/किन्नौर। जनजातीय जिला किन्नौर में इन दिनों सेब सीजन अपने चरम पर है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब तुड़ान का कार्य तेजी से चल रहा है और बागवान अपनी सालभर की मेहनत को बाजार तक पहुंचाने में जुटे हुए हैं।
बागवान सेब की ग्रेडिंग और पैकिंग कर अलग-अलग गुणवत्ता के अनुसार पेटियों में तैयार कर रहे हैं। इसके बाद सेब को प्रदेश सहित बाहरी राज्यों की विभिन्न मंडियों तक भेजा जा रहा है। सुबह से ही बागवानों और मजदूरों की चहल-पहल बगीचों से लेकर सड़क मार्ग और पैकिंग स्थलों तक देखने को मिल रही है।
सेब किन्नौर की प्रमुख नकदी फसल है और हजारों परिवारों की आर्थिकी इसी पर निर्भर करती है। ऐसे में बागवानों की नजर इस वर्ष मंडियों में मिल रहे दामों पर भी बनी हुई है। मौसम, परिवहन खर्च और बाजार भाव के बीच बागवान बेहतर दाम मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
बागवान सेब की ग्रेडिंग और पैकिंग कर अलग-अलग गुणवत्ता के अनुसार पेटियों में तैयार कर रहे हैं। इसके बाद सेब को प्रदेश सहित बाहरी राज्यों की विभिन्न मंडियों तक भेजा जा रहा है। सुबह से ही बागवानों और मजदूरों की चहल-पहल बगीचों से लेकर सड़क मार्ग और पैकिंग स्थलों तक देखने को मिल रही है।
सेब किन्नौर की प्रमुख नकदी फसल है और हजारों परिवारों की आर्थिकी इसी पर निर्भर करती है। ऐसे में बागवानों की नजर इस वर्ष मंडियों में मिल रहे दामों पर भी बनी हुई है। मौसम, परिवहन खर्च और बाजार भाव के बीच बागवान बेहतर दाम मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं।