कमरे का दरवाजा बंद कर फांसी के फंदे पर झूला युवक
कमरे का दरवाजा बंद कर फांसी के फंदे पर झूला युवक
जवानों ने दूसरी मंजिल से उतार खिड़की तोड़कर बचाई जान
अशोकनगर। जिंदगी और मौत के बीच अक्सर चंद सेकंड का ही फासला होता है। देश की एक तस्वीर खड़े रहने वाला अलर्ट पुलिस जवानों की दुर्गा कॉलोनी में सामने आया, जहां डायल-112 की टीम एक हजाराबत बचाने के लिए देवदूत बनकर पहुंची। पुलिस की मुस्तैदी, सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से एक ऐसी जान बचाई, जो मौत के फंदे पर झूलने वाली थी।
खिड़की तोड़कर किया रेस्क्यू: स्थिति की नजाकत को देखते हुए पुलिस जवानों ने तुरंत एक्शन लिया। मुख्य दरवाजा न खुलने पर जवानों ने दूसरी मंजिल से दो लोगों को नीचे उतारा और कमरे की खिड़की तोड़कर अंदर प्रवेश किया। आनन-फानन में जवानों ने चाकू से फांसी का फंदा काटा और अचेत हो रहे युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया। कुछ ही सेकंड की देरी एक जिंदगी को खत्म कर सकती थी।
डायल-112 के कंट्रोल रूम में जवानों को सूचना मिली थी कि दुर्गा कॉलोनी में एक युवक ने खुद को कमरे के अंदर लॉक कर लिया है और वह आत्महत्या की तैयारी कर रहा है। बिना देरी किए पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
इन हीरोज ने दिखाई तत्परता: इस रेस्क्यू ऑपरेशन में प्रधान आरक्षक भागीरथ लोधा, हेमराज सिंह, आरक्षक भारत सिंह लोधी, महेश बघेल और पायलट धर्मेंद्र शर्मा ने अहम भूमिका निभाई। एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने टीम की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस आमजन की सुरक्षा व सहायता के लिए 24 घंटे तत्पर है। किसी भी आपात स्थिति में डायल-112 पर सूचना दें।
जवानों ने दूसरी मंजिल से उतार खिड़की तोड़कर बचाई जान
अशोकनगर। जिंदगी और मौत के बीच अक्सर चंद सेकंड का ही फासला होता है। देश की एक तस्वीर खड़े रहने वाला अलर्ट पुलिस जवानों की दुर्गा कॉलोनी में सामने आया, जहां डायल-112 की टीम एक हजाराबत बचाने के लिए देवदूत बनकर पहुंची। पुलिस की मुस्तैदी, सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से एक ऐसी जान बचाई, जो मौत के फंदे पर झूलने वाली थी।
खिड़की तोड़कर किया रेस्क्यू: स्थिति की नजाकत को देखते हुए पुलिस जवानों ने तुरंत एक्शन लिया। मुख्य दरवाजा न खुलने पर जवानों ने दूसरी मंजिल से दो लोगों को नीचे उतारा और कमरे की खिड़की तोड़कर अंदर प्रवेश किया। आनन-फानन में जवानों ने चाकू से फांसी का फंदा काटा और अचेत हो रहे युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया। कुछ ही सेकंड की देरी एक जिंदगी को खत्म कर सकती थी।
डायल-112 के कंट्रोल रूम में जवानों को सूचना मिली थी कि दुर्गा कॉलोनी में एक युवक ने खुद को कमरे के अंदर लॉक कर लिया है और वह आत्महत्या की तैयारी कर रहा है। बिना देरी किए पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
इन हीरोज ने दिखाई तत्परता: इस रेस्क्यू ऑपरेशन में प्रधान आरक्षक भागीरथ लोधा, हेमराज सिंह, आरक्षक भारत सिंह लोधी, महेश बघेल और पायलट धर्मेंद्र शर्मा ने अहम भूमिका निभाई। एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने टीम की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस आमजन की सुरक्षा व सहायता के लिए 24 घंटे तत्पर है। किसी भी आपात स्थिति में डायल-112 पर सूचना दें।