कलेक्टर ने खरीफ 2026 उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा की
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कलेक्टर ने खरीफ 2026 उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा की
किसानों के पंजीयन हेतु जिले में बनाए गए 35 केन्द्र
10 अक्टूबर तक पंजीयन केन्द्रों में उपार्जन हेतु किसानों का किया जाएगा पंजीयन
कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने खरीफ 2026 उपार्जन हेतु किसानों के पंजीयन, धान भण्डारण व्यवस्था एवं पूर्व वर्ष में उपार्जित धान की मिलिंग की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को उपार्जन प्रक्रिया से संबंधित व्यवस्थाएं समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए बैठक में कलेक्टर ने किसानों के पंजीयन के लिए जिले में बनाए गए 35 पंजीयन केन्द्रों की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने सहकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पंजीयन केन्द्रों में एमपी एग्रो स्टॉक के माध्यम से किसानों की फार्मर आईडी बनवाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा पंजीयन की दैनिक प्रगति की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। जिले में 10 अक्टूबर 2026 तक पंजीयन केन्द्रों में उपार्जन हेतु किसानों का पंजीयन किया जाएगा कलेक्टर ने पूर्व वर्ष में उपार्जित धान की राईस मिलों की पूरी क्षमता के साथ मिलिंग कराने के लिए प्रबंधक नान को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में धान के भण्डारण की क्षमता बढ़ाने के संबंध में भी प्रबंधक नान को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए, ताकि उपार्जन के दौरान धान के भण्डारण के लिए पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध रहे बैठक में डिप्टी कलेक्टर एवं जिला आपूर्ति अधिकारी श्री भागीरथी लहरे, उपायुक्त सहकारिता श्री अभय सिंह, एफसीआई के प्रतिनिधि, सहायक संचालक कृषि श्री रमेन्द्र सिंह, सहायक आपूर्ति अधिकारी श्री प्रदीप द्विवेदी तथा जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के प्रतिनिधि उपस्थित रहे
किसानों के पंजीयन हेतु जिले में बनाए गए 35 केन्द्र
10 अक्टूबर तक पंजीयन केन्द्रों में उपार्जन हेतु किसानों का किया जाएगा पंजीयन
कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने खरीफ 2026 उपार्जन हेतु किसानों के पंजीयन, धान भण्डारण व्यवस्था एवं पूर्व वर्ष में उपार्जित धान की मिलिंग की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को उपार्जन प्रक्रिया से संबंधित व्यवस्थाएं समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए बैठक में कलेक्टर ने किसानों के पंजीयन के लिए जिले में बनाए गए 35 पंजीयन केन्द्रों की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने सहकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पंजीयन केन्द्रों में एमपी एग्रो स्टॉक के माध्यम से किसानों की फार्मर आईडी बनवाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा पंजीयन की दैनिक प्रगति की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। जिले में 10 अक्टूबर 2026 तक पंजीयन केन्द्रों में उपार्जन हेतु किसानों का पंजीयन किया जाएगा कलेक्टर ने पूर्व वर्ष में उपार्जित धान की राईस मिलों की पूरी क्षमता के साथ मिलिंग कराने के लिए प्रबंधक नान को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में धान के भण्डारण की क्षमता बढ़ाने के संबंध में भी प्रबंधक नान को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए, ताकि उपार्जन के दौरान धान के भण्डारण के लिए पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध रहे बैठक में डिप्टी कलेक्टर एवं जिला आपूर्ति अधिकारी श्री भागीरथी लहरे, उपायुक्त सहकारिता श्री अभय सिंह, एफसीआई के प्रतिनिधि, सहायक संचालक कृषि श्री रमेन्द्र सिंह, सहायक आपूर्ति अधिकारी श्री प्रदीप द्विवेदी तथा जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के प्रतिनिधि उपस्थित रहे