📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
राजनीति
जेटीसी‑मणिपुर ने पाँच नगा महिलाओं की गिरफ्तारी पर एनएच‑37 और केंद्रीय परियोजनाओं को बंद करने का आदेश दिया
✍️ India Today NE
🗓 12 सित. 2026, 02:33 PM
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मणिपुर के जॉइंट ट्राइबल काउंसिल ने हाल ही में पाँच नगा महिलाओं की गिरफ्तारी के विरोध में राष्ट्रीय राजमार्ग 37 और सभी केंद्रीय परियोजनाओं को पूरी तरह बंद करने का आह्वान किया है।
मणिपुर के जॉइंट ट्राइबल काउंसिल (JTC) ने सोमवार को घोषणा की कि वह राष्ट्रीय राजमार्ग 37, जो राज्य के पूर्वी और पश्चिमी जिलों को जोड़ता है, को पूरी तरह बंद कर देगा। काउंसिल ने यह भी माँग की कि पाँच नगा महिलाओं की रिहाई तक सभी केंद्रीय परियोजनाओं को रोक दिया जाए, जिनकी इस सप्ताह की शुरुआत में गिरफ्तारी हुई थी।
JTC के अधिकारियों का कहना है कि इन महिलाओं की गिरफ्तारी बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के की गई और यह नगा समुदाय की राजनीतिक अभिव्यक्ति को दबाने का प्रयास है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य या ट्रैफ़िक फिर से शुरू किया गया तो जनजातीय समूहों द्वारा संगठित विरोध किया जाएगा।
केन्द्र सरकार ने अभी तक आधिकारिक जवाब नहीं दिया है, पर सूत्रों के अनुसार अधिकारियों ने स्थिति को बारीकी से देख रहे हैं, क्योंकि यह बुनियादी ढाँचा विकास और क्षेत्रीय स्थिरता पर असर डाल सकता है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों को शांति पूर्ण प्रदर्शन का सम्मान करते हुए व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।
यदि यह बंदी पूरी तरह लागू हो गई तो राज्य में माल और यात्रियों के परिवहन में बाधा आएगी, जिससे दैनिक जीवन और अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा। स्थानीय व्यापारियों और परिवहन संघों ने इस विरोध की अवधि और सीमा के बारे में आगे की स्पष्टता की प्रतीक्षा की है।
हितधारक संवाद की अपील कर रहे हैं, ताकि JTC प्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच समझौता हो सके और विकास कार्य समुदाय के अधिकारों को नुकसान पहुँचाए बिना आगे बढ़ सकें।
JTC के अधिकारियों का कहना है कि इन महिलाओं की गिरफ्तारी बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के की गई और यह नगा समुदाय की राजनीतिक अभिव्यक्ति को दबाने का प्रयास है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य या ट्रैफ़िक फिर से शुरू किया गया तो जनजातीय समूहों द्वारा संगठित विरोध किया जाएगा।
केन्द्र सरकार ने अभी तक आधिकारिक जवाब नहीं दिया है, पर सूत्रों के अनुसार अधिकारियों ने स्थिति को बारीकी से देख रहे हैं, क्योंकि यह बुनियादी ढाँचा विकास और क्षेत्रीय स्थिरता पर असर डाल सकता है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों को शांति पूर्ण प्रदर्शन का सम्मान करते हुए व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।
यदि यह बंदी पूरी तरह लागू हो गई तो राज्य में माल और यात्रियों के परिवहन में बाधा आएगी, जिससे दैनिक जीवन और अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा। स्थानीय व्यापारियों और परिवहन संघों ने इस विरोध की अवधि और सीमा के बारे में आगे की स्पष्टता की प्रतीक्षा की है।
हितधारक संवाद की अपील कर रहे हैं, ताकि JTC प्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच समझौता हो सके और विकास कार्य समुदाय के अधिकारों को नुकसान पहुँचाए बिना आगे बढ़ सकें।