📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Schwiki
विज्ञान
जोधपुर के 75 करोड़ साल पुराने मेहरानगढ़ किले को मिलेगा यूनेस्को ग्लोबल जियोपार्क का दर्जा
✍️ Amar Ujala · Jodhpur
🗓 04 अक्टू. 2026, 12:30 PM
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जोधपुर के मेहरानगढ़ किले को 75 करोड़ साल पुरानी चट्टान पर स्थित होने के कारण भारत का पहला यूनेस्को ग्लोबल जियोपार्क बनाने की तैयारी में आगे बढ़ाया जा रहा है।
जोधपुर के मेहरानगढ़ किले पर स्थित 75 करोड़ साल पुरानी चट्टान को भारत का पहला यूनेस्को ग्लोबल जियोपार्क बनाने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। इस पहल का उद्देश्य स्थल की भूवैज्ञानिक विरासत को संरक्षित करना और सतत पर्यटन व वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देना है।
मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट ने इंटेक परियोजना के साथ मिलकर आवश्यक शैक्षणिक और क्षेत्रीय अध्ययन पूरे कर लिये हैं, जिसमें चट्टान की विशेषताएँ, जीवाश्म रिकॉर्ड और भूआकृति की विशिष्टता को दस्तावेज़ किया गया है। ये अध्ययन यूनेस्को के ग्लोबल जियोपार्क मानदंडों को पूरा करते हैं, जिसमें वैज्ञानिक प्रमाणिकता और स्थानीय भागीदारी अनिवार्य है।
अध्ययन समाप्त होने के बाद अब यूनेस्को के अंतर्राष्ट्रीय जियोसाइंसेस और जियोपार्क कार्यक्रम को औपचारिक नामांकन दस्तावेज़ प्रस्तुत किया जाएगा। यदि मंज़ूर हो जाता है, तो यह जियोपार्क विद्वानों, छात्रों और पर्यटकों को आकर्षित करेगा, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक लाभ और संरक्षण जागरूकता दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
स्थानीय प्रशासन और विरासत संस्थाएँ व्याख्यात्मक केंद्र और गाइडेड टूर की व्यवस्था भी कर रही हैं, ताकि जियोपार्क की शैक्षिक क्षमता का पूरा उपयोग हो सके और जोधपुर को भारत में जियो‑टूरिज़्म का प्रमुख केंद्र बनाया जा सके।
मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट ने इंटेक परियोजना के साथ मिलकर आवश्यक शैक्षणिक और क्षेत्रीय अध्ययन पूरे कर लिये हैं, जिसमें चट्टान की विशेषताएँ, जीवाश्म रिकॉर्ड और भूआकृति की विशिष्टता को दस्तावेज़ किया गया है। ये अध्ययन यूनेस्को के ग्लोबल जियोपार्क मानदंडों को पूरा करते हैं, जिसमें वैज्ञानिक प्रमाणिकता और स्थानीय भागीदारी अनिवार्य है।
अध्ययन समाप्त होने के बाद अब यूनेस्को के अंतर्राष्ट्रीय जियोसाइंसेस और जियोपार्क कार्यक्रम को औपचारिक नामांकन दस्तावेज़ प्रस्तुत किया जाएगा। यदि मंज़ूर हो जाता है, तो यह जियोपार्क विद्वानों, छात्रों और पर्यटकों को आकर्षित करेगा, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक लाभ और संरक्षण जागरूकता दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
स्थानीय प्रशासन और विरासत संस्थाएँ व्याख्यात्मक केंद्र और गाइडेड टूर की व्यवस्था भी कर रही हैं, ताकि जियोपार्क की शैक्षिक क्षमता का पूरा उपयोग हो सके और जोधपुर को भारत में जियो‑टूरिज़्म का प्रमुख केंद्र बनाया जा सके।