📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / KennyOMG
राजनीति
अमित शाह ने कहा, जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट का बेंच लद्दाख में, न्याय पहुंच में सुधार के लिए
✍️ livemint.com
🗓 20 अग. 2026, 10:45 PM
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि लद्दाख में जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट का बेंच स्थापित किया जाएगा, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में न्यायिक सेवाएँ करीब आएँगी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि लद्दाख में जम्मू‑कश्मीर हाई कोर्ट का नया बेंच स्थापित किया जाएगा। यह घोषणा हालिया प्रेस ब्रीफ़िंग में की गई और दूरस्थ क्षेत्रों में न्याय तक पहुँच की कमी को दूर करने के उद्देश्य से की गई है।
इस बेंच को लद्दाख के नागरिक, आपराधिक और पारिवारिक मामलों को सुनने का अधिकार मिलेगा, जिससे निवासियों को सrinagar के मुख्य कोर्ट तक लंबी दूरी की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। अधिकारियों ने बताया कि बेंच की संभावित जगह लेह, लद्दाख की प्रशासनिक राजधानी होगी, हालांकि अंतिम विवरण अभी तय होना बाकी है।
शाह ने कहा कि न्यायालय को लोगों के करीब लाने से मामलों के निपटारे की गति बढ़ेगी और दूरस्थ क्षेत्रों में कानून का शासन मजबूत होगा। 2019 में जम्मू‑कश्मीर के पुनर्गठन के बाद लद्दाख को J&K हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में रखा गया था, परंतु तब से कोई स्थानीय बेंच नहीं था।
कानूनी विशेषज्ञों ने इस कदम का स्वागत किया, क्योंकि स्थानीय बेंच से मामलों के बैकलॉग में कमी आएगी और न्याय प्रणाली में जनता का भरोसा बढ़ेगा। बेंच के उद्घाटन की समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है।
यह घोषणा भारत के सीमावर्ती और ऊँचे इलाकों में शासन संबंधी बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने के केंद्र सरकार के व्यापक लक्ष्य को दर्शाती है।
इस बेंच को लद्दाख के नागरिक, आपराधिक और पारिवारिक मामलों को सुनने का अधिकार मिलेगा, जिससे निवासियों को सrinagar के मुख्य कोर्ट तक लंबी दूरी की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। अधिकारियों ने बताया कि बेंच की संभावित जगह लेह, लद्दाख की प्रशासनिक राजधानी होगी, हालांकि अंतिम विवरण अभी तय होना बाकी है।
शाह ने कहा कि न्यायालय को लोगों के करीब लाने से मामलों के निपटारे की गति बढ़ेगी और दूरस्थ क्षेत्रों में कानून का शासन मजबूत होगा। 2019 में जम्मू‑कश्मीर के पुनर्गठन के बाद लद्दाख को J&K हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में रखा गया था, परंतु तब से कोई स्थानीय बेंच नहीं था।
कानूनी विशेषज्ञों ने इस कदम का स्वागत किया, क्योंकि स्थानीय बेंच से मामलों के बैकलॉग में कमी आएगी और न्याय प्रणाली में जनता का भरोसा बढ़ेगा। बेंच के उद्घाटन की समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है।
यह घोषणा भारत के सीमावर्ती और ऊँचे इलाकों में शासन संबंधी बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने के केंद्र सरकार के व्यापक लक्ष्य को दर्शाती है।