📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / unknown
राजनीति
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने पावर प्रोजेक्ट्स पर जल उपयोग शुल्क को असंवैधानिक कहा, सरकार के नोटिस रद्द
✍️ Daily Excelsior
🗓 29 अक्टू. 2026, 09:35 PM
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जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने पावर प्रोजेक्ट्स पर लगाए गए जल उपयोग शुल्क को असंवैधानिक करार दिया और सरकार के नोटिस को रद्द कर दिया।
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने पावर प्रोजेक्ट्स पर लगाए गए जल उपयोग शुल्क को असंवैधानिक घोषित किया और कहा कि ये शुल्क संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करते हैं। कोर्ट ने बताया कि इन शुल्कों से परियोजनाओं पर अनावश्यक बोझ पड़ता है और इनके लिए कोई स्पष्ट कानूनी आधार नहीं है, इसलिए इन्हें अमान्य माना गया।
इस निर्णय के बाद राज्य सरकार को सभी मांग नोटिस वापस लेने का आदेश दिया गया है। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि समान शुल्क फिर से लागू न किए जाएँ, जब तक कि उचित विधायी ढांचा न तैयार हो।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला क्षेत्र में चल रहे और भविष्य के जलविद्युत तथा थर्मल प्रोजेक्ट्स पर वित्तीय प्रभाव डाल सकता है, जिससे निवेश और परियोजना समय‑सीमा पर असर पड़ सकता है।
सरकार को कोर्ट की टिप्पणी के अनुसार जल‑शुल्क नीतियों की पुनः समीक्षा करनी होगी, ताकि संवैधानिक सुरक्षा का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
पावर सेक्टर के हितधारकों को अनुपालन के अगले कदमों पर स्पष्टता की आवश्यकता होगी, जबकि न्यायालय की इस हस्तक्षेप से वित्तीय उपायों में संवैधानिक सीमाओं का पालन करने का महत्व उजागर हुआ।
इस निर्णय के बाद राज्य सरकार को सभी मांग नोटिस वापस लेने का आदेश दिया गया है। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि समान शुल्क फिर से लागू न किए जाएँ, जब तक कि उचित विधायी ढांचा न तैयार हो।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला क्षेत्र में चल रहे और भविष्य के जलविद्युत तथा थर्मल प्रोजेक्ट्स पर वित्तीय प्रभाव डाल सकता है, जिससे निवेश और परियोजना समय‑सीमा पर असर पड़ सकता है।
सरकार को कोर्ट की टिप्पणी के अनुसार जल‑शुल्क नीतियों की पुनः समीक्षा करनी होगी, ताकि संवैधानिक सुरक्षा का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
पावर सेक्टर के हितधारकों को अनुपालन के अगले कदमों पर स्पष्टता की आवश्यकता होगी, जबकि न्यायालय की इस हस्तक्षेप से वित्तीय उपायों में संवैधानिक सीमाओं का पालन करने का महत्व उजागर हुआ।