📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rajani Gairshail
सरकारी योजना
जम्मू-कश्मीर सरकार ने 2026 के लिए नई भूमि पूलिंग नीति की घोषणा की
✍️ Daily Excelsior
🗓 18 अग. 2026, 08:03 PM
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जम्मू और कश्मीर सरकार ने 2026 के लिए नई भूमि पूलिंग नीति को आधिकारिक रूप से नोटिफाई किया है, जिसका उद्देश्य राज्य में भूमि उपयोग को सुव्यवस्थित करना और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को तेज़ करना है।
जम्मू और कश्मीर सरकार ने आज 2026 के लिए भूमि पूलिंग नीति का आधिकारिक नोटिफ़िकेशन जारी किया, जिसका उद्देश्य बड़े पैमाने पर विकास परियोजनाओं के लिए समन्वित भूमि अधिग्रहण को सुविधाजनक बनाना है। इस नीति के तहत भूमि मालिकों को उचित मुआवजा और नई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं जैसे सड़कें, स्कूल और अस्पतालों की योजना में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
नोटिफ़िकेशन में पात्रता मानदंड, मूल्यांकन पद्धति और राज्य भर में भूमि पूलिंग योजनाओं के कार्यान्वयन की समयरेखा का विवरण दिया गया है। यह स्थानीय प्राधिकरणों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने और छोटे भूमि मालिकों के हितों की रक्षा करने की भूमिका पर भी जोर देता है।
अधिकारियों का कहना है कि यह नीति परियोजना अनुमोदनों में देरी को कम करेगी और अगले दशक के लिए राज्य के विकास लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करेगी। सरकार ने नीति के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए एक समर्पित कार्य बल स्थापित करने और सार्वजनिक परामर्श के माध्यम से हितधारकों के साथ जुड़ने का वादा किया है।
2026 की भूमि पूलिंग नीति से सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और जम्मू और कश्मीर के निवासियों को आवश्यक सेवाओं तक बेहतर पहुँच मिलेगी।
नोटिफ़िकेशन में पात्रता मानदंड, मूल्यांकन पद्धति और राज्य भर में भूमि पूलिंग योजनाओं के कार्यान्वयन की समयरेखा का विवरण दिया गया है। यह स्थानीय प्राधिकरणों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने और छोटे भूमि मालिकों के हितों की रक्षा करने की भूमिका पर भी जोर देता है।
अधिकारियों का कहना है कि यह नीति परियोजना अनुमोदनों में देरी को कम करेगी और अगले दशक के लिए राज्य के विकास लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करेगी। सरकार ने नीति के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए एक समर्पित कार्य बल स्थापित करने और सार्वजनिक परामर्श के माध्यम से हितधारकों के साथ जुड़ने का वादा किया है।
2026 की भूमि पूलिंग नीति से सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और जम्मू और कश्मीर के निवासियों को आवश्यक सेवाओं तक बेहतर पहुँच मिलेगी।