📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
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जम्मू-कश्मीर सरकार ने जेकेएएस प्रोबेशन व विभागीय परीक्षा के नए नियम जारी किए
✍️ Greater Kashmir
🗓 31 अक्टू. 2026, 01:52 AM
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जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने जूनियर कश्मीर प्रशासनिक सेवा (जेकेएएस) अधिकारियों की प्रोबेशन अवधि और विभागीय परीक्षाओं के लिए नए नियम जारी किए हैं।
जम्मू-कश्मीर सरकार ने जूनियर कश्मीर प्रशासनिक सेवा (जेकेएएस) अधिकारियों की प्रोबेशन अवधि और विभागीय परीक्षाओं के लिए नई नियमावली जारी की है। राज्य के आधिकारिक राजपत्र के माध्यम से प्रकाशित इस अधिसूचना में प्रोबेशन की अवधि, प्रदर्शन मूल्यांकन मानदंड और अनिवार्य विभागीय परीक्षा के समय‑सारणी का विवरण दिया गया है।
नए नियमों के अनुसार प्रोबेशन अब बारह महीने की निश्चित अवधि का होगा, जिसमें प्रशासनिक क्षमता, क्षेत्रीय कार्य और सेवा अनुशासन को मानक बेंचमार्क के आधार पर आंका जाएगा। विभागीय परीक्षा, जो पहले अनियमित रूप से आयोजित होती थी, अब राज्य सिविल सर्विस बोर्ड द्वारा स्वीकृत एक मानकीकृत पाठ्यक्रम के तहत वार्षिक रूप से आयोजित की जाएगी।
सरकार ने बताया कि इन बदलावों का उद्देश्य जेकेएएस भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समानता लाना है, जिससे उम्मीदवारों का मूल्यांकन एक समान मानकों पर हो सके। मौजूदा प्रोबेशनर इस आदेश के जारी होते ही नई व्यवस्था में स्थानांतरित हो जाएंगे, जबकि नए प्रवेशी इन अपडेटेड नियमों के तहत शामिल होंगे।
सिविल सेवा प्रशिक्षण संस्थानों और अभ्यर्थियों सहित कई हितधारकों ने इस स्पष्टता का स्वागत किया है, यह मानते हुए कि स्पष्ट समय‑सीमा और मूल्यांकन ढांचा करियर प्रगति में पहले से मौजूद अस्पष्टताओं को कम करेगा।
नए नियमों के अनुसार प्रोबेशन अब बारह महीने की निश्चित अवधि का होगा, जिसमें प्रशासनिक क्षमता, क्षेत्रीय कार्य और सेवा अनुशासन को मानक बेंचमार्क के आधार पर आंका जाएगा। विभागीय परीक्षा, जो पहले अनियमित रूप से आयोजित होती थी, अब राज्य सिविल सर्विस बोर्ड द्वारा स्वीकृत एक मानकीकृत पाठ्यक्रम के तहत वार्षिक रूप से आयोजित की जाएगी।
सरकार ने बताया कि इन बदलावों का उद्देश्य जेकेएएस भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समानता लाना है, जिससे उम्मीदवारों का मूल्यांकन एक समान मानकों पर हो सके। मौजूदा प्रोबेशनर इस आदेश के जारी होते ही नई व्यवस्था में स्थानांतरित हो जाएंगे, जबकि नए प्रवेशी इन अपडेटेड नियमों के तहत शामिल होंगे।
सिविल सेवा प्रशिक्षण संस्थानों और अभ्यर्थियों सहित कई हितधारकों ने इस स्पष्टता का स्वागत किया है, यह मानते हुए कि स्पष्ट समय‑सीमा और मूल्यांकन ढांचा करियर प्रगति में पहले से मौजूद अस्पष्टताओं को कम करेगा।