📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Lt Gen DP Pandey
खेल
जम्मू-कश्मीर DYSS ने PEM को अलग करने का आदेश, PETs को खेल परिषद में तैनात किया
✍️ Daily Excelsior
🗓 15 अक्टू. 2026, 02:17 AM
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जम्मू-कश्मीर के युवा सेवाएँ व खेल निदेशालय ने PEM को अलग करने और खेल परिषद में शारीरिक शिक्षा शिक्षकों (PETs) को तैनात करने का आदेश दिया।
जम्मू-कश्मीर युवा सेवाएँ व खेल निदेशालय (DYSS) ने PEM इकाई को अलग करने और शारीरिक शिक्षा शिक्षकों (PETs) को राज्य खेल परिषद के साथ काम करने के लिए तैनात करने का प्रशासनिक आदेश जारी किया। यह निर्देश इस सप्ताह जारी किया गया, जिसका उद्देश्य संघ क्षेत्र में शैक्षणिक और खेल प्राधिकरणों के बीच समन्वय को सरल बनाना है।
आदेश के अनुसार, PEM (Physical Education Management) कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर केंद्रित करने के लिए पुनः नियुक्त किया जाएगा, जबकि PETs को खेल परिषद में सम्मिलित किया जाएगा ताकि जमीनी स्तर पर कोचिंग, प्रतिभा पहचान और राज्य‑व्यापी खेल पहलों के कार्यान्वयन में सहायता मिल सके। अधिकारियों ने बताया कि यह कदम खेल विकास योजनाओं की कार्यक्षमता बढ़ाने और स्कूलों में शारीरिक शिक्षा की डिलीवरी को सुधारने के लिए उठाया गया है।
DYSS ने संबंधित विभागों से कहा है कि वे अगले तीस दिनों के भीतर पुनः आवंटन प्रक्रिया पूरी करें और प्रगति रिपोर्ट मुख्य सचिव को प्रस्तुत करें। खेल परिषद अपेक्षा करती है कि नई तैनात PETs को अपनी मौजूदा कोचिंग संरचना में शामिल किया जाएगा, जिससे आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए एथलीटों की पाइपलाइन मजबूत होगी।
आदेश के अनुसार, PEM (Physical Education Management) कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर केंद्रित करने के लिए पुनः नियुक्त किया जाएगा, जबकि PETs को खेल परिषद में सम्मिलित किया जाएगा ताकि जमीनी स्तर पर कोचिंग, प्रतिभा पहचान और राज्य‑व्यापी खेल पहलों के कार्यान्वयन में सहायता मिल सके। अधिकारियों ने बताया कि यह कदम खेल विकास योजनाओं की कार्यक्षमता बढ़ाने और स्कूलों में शारीरिक शिक्षा की डिलीवरी को सुधारने के लिए उठाया गया है।
DYSS ने संबंधित विभागों से कहा है कि वे अगले तीस दिनों के भीतर पुनः आवंटन प्रक्रिया पूरी करें और प्रगति रिपोर्ट मुख्य सचिव को प्रस्तुत करें। खेल परिषद अपेक्षा करती है कि नई तैनात PETs को अपनी मौजूदा कोचिंग संरचना में शामिल किया जाएगा, जिससे आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए एथलीटों की पाइपलाइन मजबूत होगी।