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03 Nov 2026•
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झांसी के गरौठा में बाहरी ठेकेदारों द्वारा मूंगफली के भूसे की खरीद पर ग्राम प्रधानों ने जताई आपत्ति, गौशालाओं के भरण-पोषण को लेकर उठाए सवाल

✍️ Reporter: Buddhi Prakash Mali 🗓 03 Nov 2026, 08:37 PM 👁 19
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झांसी जनपद की तहसील गरौठा में बाहरी व्यापारियों द्वारा मूंगफली के भूसे की खरीद और निर्यात पर स्थानीय ग्राम प्रधानों ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर स्थानीय गौशालाओं में गोवंश के भरण-पोषण के लिए भूसे की उपलब्धता सुनिश्चित करने और बाहरी खरीद पर रोक लगाने की मांग की है।

झांसी जनपद की तहसील गरौठा क्षेत्र में मूंगफली के भूसे की बाहरी ठेकेदारों द्वारा खरीद और दूसरे क्षेत्रों में ले जाने का मामला अब तूल पकड़ रहा है। क्षेत्र के ग्राम प्रधानों ने इस प्रथा पर कड़ी आपत्ति दर्ज की है और उपजिलाधिकारी गरौठा सुनील कुमार को ज्ञापन सौंपकर बाहरी व्यापारियों द्वारा भूसे की खरीद और जिला से बाहर निर्यात पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से उचित कार्रवाई करने की भी गुहार लगाई है।

ग्राम प्रधानों ने अपनी आपत्ति में बताया कि क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में शासन की ओर से गौशालाओं का संचालन किया जा रहा है, जिनमें बड़ी संख्या में गोवंश संरक्षित हैं। उनका कहना है कि यदि बाहरी ठेकेदार क्षेत्र का मूंगफली का भूसा खरीदकर बाहर ले जाते हैं, तो आने वाले समय में गौशालाओं में गोवंश के भरण-पोषण के लिए भूसे का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है, जिससे पशुओं की सुरक्षा को खतरा उभर सकता है।

प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष गुरसराय चंद्रभानसिंह परमार ने इस मौके पर कहा कि जब क्षेत्र की गौशालाओं में स्थानीय गोवंश संरक्षित हैं, तो सबसे पहले उनके चारे की व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय गोवंश के भरण-पोषण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों पर है, इसलिए क्षेत्र का भूसा बाहरी लोगों द्वारा खरीदकर ले जाना गौशालाओं की मौजूदा व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।

इस मुद्दे को लेकर अब प्रशासन पर यह सवाल उठ रहा है कि गौशालाओं में संरक्षित गोवंश की चारे की जरूरत को देखते हुए भूसे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। ज्ञापन सौंपने के मौके पर प्रधान नरेंद्र कुमार शर्मा (जलालपुरा), चंद्रभान सिंह परमार (गुढ़ा), इंद्रपाल राजपूत (खेरी), मनोज यादव (खड़ौरा), देवेंद्र यादव (केदारताई), अवध बिहारी गाता और संजय राजा परमार (निपान) सहित कई अन्य प्रधान मौजूद रहे।
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