📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pinakpani
टेक्नोलॉजी
झारखंड के SIR पहल ने समय सीमा से पहले 15 लाख आवेदन डिजिटल किए
✍️ The Times of India
🗓 31 अक्टू. 2026, 03:42 AM
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झारखंड राज्य सूचना रजिस्ट्री (SIR) ने समय सीमा के करीब पहुंचते हुए लगभग 15 लाख आवेदन डिजिटल कर लिए हैं, अधिकारियों ने बताया।
झारखंड की राज्य सूचना रजिस्ट्री (SIR) ने अपने डिजिटलकरण अभियान के अंतिम चरण की ओर कदम बढ़ाया है, जहाँ अब लगभग 15 लाख नागरिक आवेदन इलेक्ट्रॉनिक रूप में उपलब्ध हैं। यह पहल सार्वजनिक सेवाओं को तेज़ और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, और इस महीने के अंत तक सभी डेटा को डिजिटल करने का लक्ष्य रखा गया है।
राज्य अधिकारियों ने बताया कि इस डिजिटल डेटाबेस से अनुरोधों की प्रोसेसिंग गति बढ़ेगी, कागज़ी काम कम होगा और विभिन्न विभागों में पारदर्शिता में सुधार होगा। यह कदम झारखंड सरकार के व्यापक डिजिटल गवर्नेंस एजेंडा का हिस्सा है, जिसे पिछले वर्ष से लागू किया जा रहा है।
सभी जिलों में विशेष केंद्र स्थापित किए गए हैं जहाँ आवेदक अपने दस्तावेज़ अपलोड कर सकते हैं और डेटा की पुष्टि कर सकते हैं। अधिकारियों का मानना है कि पूरी तरह से डिजिटल सिस्टम से प्रक्रिया समय में 40 प्रतिशत तक कमी आएगी, जिससे भूमि रिकॉर्ड से लेकर कल्याण योजनाओं तक के लाभार्थियों को तेज़ सेवा मिलेगी।
SIR परियोजना को राज्य और केंद्र सरकार के डिजिटल पहलों के सहयोग से वित्त पोषित किया गया है, और यह नीति निर्माण के लिए मूल्यवान डेटा अंतर्दृष्टि भी प्रदान करेगी। समय सीमा नजदीक आने के साथ, अधिकारी प्रगति की कड़ी निगरानी कर रहे हैं ताकि लक्ष्य को डेटा सुरक्षा से समझौता किए बिना पूरा किया जा सके।
यदि यह सफल रहता है, तो पूरी हुई डिजिटलकरण प्रक्रिया अन्य भारतीय राज्यों के लिए सार्वजनिक सेवा बुनियादी ढाँचे को आधुनिक बनाने का एक मॉडल बन सकती है।
राज्य अधिकारियों ने बताया कि इस डिजिटल डेटाबेस से अनुरोधों की प्रोसेसिंग गति बढ़ेगी, कागज़ी काम कम होगा और विभिन्न विभागों में पारदर्शिता में सुधार होगा। यह कदम झारखंड सरकार के व्यापक डिजिटल गवर्नेंस एजेंडा का हिस्सा है, जिसे पिछले वर्ष से लागू किया जा रहा है।
सभी जिलों में विशेष केंद्र स्थापित किए गए हैं जहाँ आवेदक अपने दस्तावेज़ अपलोड कर सकते हैं और डेटा की पुष्टि कर सकते हैं। अधिकारियों का मानना है कि पूरी तरह से डिजिटल सिस्टम से प्रक्रिया समय में 40 प्रतिशत तक कमी आएगी, जिससे भूमि रिकॉर्ड से लेकर कल्याण योजनाओं तक के लाभार्थियों को तेज़ सेवा मिलेगी।
SIR परियोजना को राज्य और केंद्र सरकार के डिजिटल पहलों के सहयोग से वित्त पोषित किया गया है, और यह नीति निर्माण के लिए मूल्यवान डेटा अंतर्दृष्टि भी प्रदान करेगी। समय सीमा नजदीक आने के साथ, अधिकारी प्रगति की कड़ी निगरानी कर रहे हैं ताकि लक्ष्य को डेटा सुरक्षा से समझौता किए बिना पूरा किया जा सके।
यदि यह सफल रहता है, तो पूरी हुई डिजिटलकरण प्रक्रिया अन्य भारतीय राज्यों के लिए सार्वजनिक सेवा बुनियादी ढाँचे को आधुनिक बनाने का एक मॉडल बन सकती है।