📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / wittVikki from ranchi, India
बिज़नेस
झारखंड ने भारत टेक्स 2026 में पेश किए छह जीआई‑टैग्ड हैंडलूम उत्पाद
✍️ ddnews.gov.in
🗓 19 सित. 2026, 06:16 AM
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झारखंड हैंडलूम विकास बोर्ड ने भारत टेक्स 2026 में जीआई‑टैग वाले छह उत्पादों को प्रदर्शित किया।
झारखंड के हैंडलूम क्षेत्र ने राष्ट्रीय वस्त्र प्रदर्शनी भारत टेक्स 2026 में प्रमुख स्थान प्राप्त किया, जहाँ राज्य के हैंडलूम विकास बोर्ड ने छह ऐसे उत्पादों को प्रस्तुत किया जो भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग प्राप्त कर चुके हैं।
इन छह प्रदर्शित वस्तुओं में झारखंड की विशिष्ट बुनाई तकनीक और मोटिफ़ शामिल हैं, जिन्हें अब उनके क्षेत्रीय मूल के लिए आधिकारिक मान्यता मिली है। जीआई टैग न केवल इन शिल्पों की सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करता है, बल्कि खरीदारों को प्रामाणिकता की गारंटी देकर बाज़ार में उनकी मूल्यवृद्धि भी करता है।
अधिकारियों ने बताया कि यह प्रदर्शनी स्थानीय कारीगरों को देश भर के खरीदारों, डिजाइनरों और व्यापार प्रतिनिधियों से जोड़ने का मंच प्रदान करती है। जीआई‑टैग्ड हैंडलूम वस्तुओं को बढ़ावा देकर, बोर्ड का लक्ष्य बुनकरों की आय में वृद्धि और राज्य की वस्त्र उद्योग में सतत विकास को सुदृढ़ करना है।
हितधारक मानते हैं कि भारत टेक्स में मिली इस दृश्यता से झारखंड के हैंडलूम उत्पादों के घरेलू और निर्यात दोनों बाजारों में अवसर विस्तारित होंगे, जो स्वदेशी शिल्प को सशक्त बनाने की सरकारी पहलों के साथ संगत है।
यह प्रदर्शन राज्य की समृद्ध बुनाई परम्परा को संरक्षित करने और आधुनिक व्यापार मार्गों का उपयोग करके कारीगर समुदाय को लाभ पहुंचाने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
इन छह प्रदर्शित वस्तुओं में झारखंड की विशिष्ट बुनाई तकनीक और मोटिफ़ शामिल हैं, जिन्हें अब उनके क्षेत्रीय मूल के लिए आधिकारिक मान्यता मिली है। जीआई टैग न केवल इन शिल्पों की सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करता है, बल्कि खरीदारों को प्रामाणिकता की गारंटी देकर बाज़ार में उनकी मूल्यवृद्धि भी करता है।
अधिकारियों ने बताया कि यह प्रदर्शनी स्थानीय कारीगरों को देश भर के खरीदारों, डिजाइनरों और व्यापार प्रतिनिधियों से जोड़ने का मंच प्रदान करती है। जीआई‑टैग्ड हैंडलूम वस्तुओं को बढ़ावा देकर, बोर्ड का लक्ष्य बुनकरों की आय में वृद्धि और राज्य की वस्त्र उद्योग में सतत विकास को सुदृढ़ करना है।
हितधारक मानते हैं कि भारत टेक्स में मिली इस दृश्यता से झारखंड के हैंडलूम उत्पादों के घरेलू और निर्यात दोनों बाजारों में अवसर विस्तारित होंगे, जो स्वदेशी शिल्प को सशक्त बनाने की सरकारी पहलों के साथ संगत है।
यह प्रदर्शन राज्य की समृद्ध बुनाई परम्परा को संरक्षित करने और आधुनिक व्यापार मार्गों का उपयोग करके कारीगर समुदाय को लाभ पहुंचाने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।