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27 अग. 2026
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झारखंड ने राजस्व हानि को लेकर संशोधित एमएमडीआर अधिनियम को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का इरादा जताया
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
राजनीति

झारखंड ने राजस्व हानि को लेकर संशोधित एमएमडीआर अधिनियम को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का इरादा जताया

✍️ Daily Pioneer 🗓 27 अग. 2026, 01:37 PM 👁 4
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झारखंड सरकार ने हालिया एमएमडीआर अधिनियम संशोधन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने का फैसला किया है, जिससे राज्य को राजस्व में बड़ा नुकसान होगा।

झारखंड सरकार ने हाल ही में संशोधित खनन एवं खनिज विकास नियमन (एमएमडीआर) अधिनियम को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने का इरादा बताया है। राज्य के अनुसार, इस संशोधन से रॉयल्टी की गणना में बदलाव और निजी कंपनियों को खनिज ब्लॉकों तक अधिक पहुंच मिलने से राज्य की आय में भारी कमी आएगी।

वित्त विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस बदलाव से वार्षिक कई सौ करोड़ रुपये का राजस्व घाटा हो सकता है। सरकार का तर्क है कि केंद्र द्वारा पारित यह संशोधन पहले के राजस्व सुरक्षा प्रावधानों को हटाकर राज्यों के खनिज आय के हिस्से को कम कर रहा है।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस चुनौती का परिणाम अन्य खनिज‑सम्पन्न राज्यों के लिए भी महत्त्वपूर्ण precedent स्थापित कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट को संविधान के तहत केंद्रीय नीतियों और राज्य के वित्तीय अधिकारों के संतुलन की समीक्षा करनी होगी।

झारखंड के मुख्यमंत्री कार्यालय ने याचिका दाखिल करने के समय को लेकर टिप्पणी नहीं की, पर राज्य के राजस्व हितों की रक्षा के संकल्प को दोहराया। याचिका अगले कुछ हफ्तों में दायर होने की संभावना है।
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