📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Flashthomsom
देश
झारखंड हाईकोर्ट ने बिहार शराब कानून को अस्वीकार किया, वाहन की रिहाई का आदेश
✍️ The New Indian Express
🗓 24 सित. 2026, 03:37 AM
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झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि बिहार का शराब कानून झारखंड में लागू नहीं किया जा सकता और जबरन जब्त वाहन को रिहा करने का आदेश दिया।
झारखंड हाईकोर्ट की एक पीठ ने कहा कि बिहार सरकार द्वारा लागू किया गया शराब प्रतिबंध कानून झारखंड में लागू नहीं किया जा सकता। इस फैसले में बताया गया कि प्रत्येक राज्य का विधायी अधिकार केवल अपने क्षेत्र तक सीमित है और किसी अन्य राज्य का कानून बिना संविधान संशोधन या केंद्र सरकार के आदेश के लागू नहीं हो सकता।
इसी आदेश में कोर्ट ने पुलिस को वह वाहन रिहा करने का निर्देश दिया, जिसे बिहार के शराब कानून के आधार पर जब्त किया गया था। पुलिस ने कहा था कि वह वाहन अवैध शराब परिवहन में शामिल था, पर कोर्ट ने पाया कि झारखंड के कानूनों के तहत ऐसी कार्रवाई का कोई आधार नहीं है।
यह निर्णय राज्यों के बीच कानून प्रवर्तन की सीमाओं को स्पष्ट करता है और अन्य राज्यों को भी समान सीमा‑पार लागू करने वाले नियमों की समीक्षा करने के लिए प्रेरित कर सकता है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला भारत के संघीय ढाँचे में क्षेत्रीय अधिकारिता के सिद्धांत को सुदृढ़ करता है।
अधिकारियों को आदेश का पालन करने के लिए छोटा समय दिया गया है, और आगे के विवादों को उचित कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से सुलझाया जाएगा।
इसी आदेश में कोर्ट ने पुलिस को वह वाहन रिहा करने का निर्देश दिया, जिसे बिहार के शराब कानून के आधार पर जब्त किया गया था। पुलिस ने कहा था कि वह वाहन अवैध शराब परिवहन में शामिल था, पर कोर्ट ने पाया कि झारखंड के कानूनों के तहत ऐसी कार्रवाई का कोई आधार नहीं है।
यह निर्णय राज्यों के बीच कानून प्रवर्तन की सीमाओं को स्पष्ट करता है और अन्य राज्यों को भी समान सीमा‑पार लागू करने वाले नियमों की समीक्षा करने के लिए प्रेरित कर सकता है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला भारत के संघीय ढाँचे में क्षेत्रीय अधिकारिता के सिद्धांत को सुदृढ़ करता है।
अधिकारियों को आदेश का पालन करने के लिए छोटा समय दिया गया है, और आगे के विवादों को उचित कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से सुलझाया जाएगा।