📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Flashthomsom
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जॉहारखंड उच्च न्यायालय ने 4‑वर्षीय बच्चे की अस्थायी हिरासत माँ को दी, 'दर्द और बलिदान' पर प्रकाश डाला
✍️ Live Law
🗓 10 सित. 2026, 09:49 PM
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जॉहारखंड उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक निर्णय में 4‑वर्षीय बच्चे की अस्थायी हिरासत माँ को दी, बच्चे के भावनात्मक कल्याण और माँ के बलिदानों का हवाला देते हुए।
जॉहारखंड उच्च न्यायालय ने मंगलवार को दिए गए निर्णय में चार‑वर्षीय बच्चे की अस्थायी हिरासत उसकी माँ को दी।
न्यायालय ने बच्चे के भावनात्मक कल्याण और माँ के बलिदानों को निर्णय का प्रमुख कारण बताया।
यह आदेश अस्थायी है और अंतिम सुनवाई तक प्रभावी रहेगा, जिसका उद्देश्य विवाद के दौरान बच्चे के सर्वोत्तम हितों की रक्षा करना है।
पिता को इस निर्णय की सूचना दी गई है और वे अपील दायर करने की योजना बना रहे हैं, जबकि माँ ने यह कहकर राहत व्यक्त की कि न्यायालय ने उनके पालन‑पोषण के प्रयासों को मान्यता दी।
न्यायालय ने बच्चे के भावनात्मक कल्याण और माँ के बलिदानों को निर्णय का प्रमुख कारण बताया।
यह आदेश अस्थायी है और अंतिम सुनवाई तक प्रभावी रहेगा, जिसका उद्देश्य विवाद के दौरान बच्चे के सर्वोत्तम हितों की रक्षा करना है।
पिता को इस निर्णय की सूचना दी गई है और वे अपील दायर करने की योजना बना रहे हैं, जबकि माँ ने यह कहकर राहत व्यक्त की कि न्यायालय ने उनके पालन‑पोषण के प्रयासों को मान्यता दी।