📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Flashthomsom
राजनीति
झारखंड उच्च न्यायालय ने राज्य के कसाईघरों के लिए नियमों का मसौदा मांगा
✍️ The Times of India
🗓 22 जुल. 2026, 08:49 PM
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झारखंड उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से पूरे राज्य में कसाईघरों के लिए नियमों का मसौदा प्रस्तुत करने का अनुरोध किया है, ताकि संचालन को मानकीकृत किया जा सके और स्वास्थ्य व सुरक्षा मानदंडों का पालन सुनिश्चित हो सके।
झारखंड उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से पूरे राज्य में कसाईघरों के लिए नियमों का मसौदा तैयार करने का निर्देश दिया है। इस आदेश का उद्देश्य स्वास्थ्य, सुरक्षा और पशु कल्याण से संबंधित मुद्दों को संबोधित करने के लिए एक समान नियामक ढाँचा स्थापित करना है।
प्रस्तावित नियमों के तहत सरकार से स्वच्छता, कचरा निपटान और कार्यकर्ता सुरक्षा के मानक तथा अनुपालन की निगरानी के लिए तंत्र निर्धारित करने की अपेक्षा की जाएगी। न्यायालय ने स्पष्ट नियमों के अभाव में कानूनी चुनौतियों और उद्योग में असंगतियों की संभावना पर बल दिया।
हालाँकि उच्च न्यायालय ने मसौदे के लिए सख्त समय सीमा नहीं तय की है, परंतु यह स्पष्ट कर दिया है कि औपचारिक नियमों के बिना उद्योग में अनियमितताएँ बनी रह सकती हैं।
यह कदम झारखंड के मांस उद्योग में जवाबदेही बढ़ाने की उम्मीद है, जिससे हजारों श्रमिकों और व्यवसायों पर असर पड़ेगा जो कसाईघरों पर निर्भर हैं।
प्रस्तावित नियमों के तहत सरकार से स्वच्छता, कचरा निपटान और कार्यकर्ता सुरक्षा के मानक तथा अनुपालन की निगरानी के लिए तंत्र निर्धारित करने की अपेक्षा की जाएगी। न्यायालय ने स्पष्ट नियमों के अभाव में कानूनी चुनौतियों और उद्योग में असंगतियों की संभावना पर बल दिया।
हालाँकि उच्च न्यायालय ने मसौदे के लिए सख्त समय सीमा नहीं तय की है, परंतु यह स्पष्ट कर दिया है कि औपचारिक नियमों के बिना उद्योग में अनियमितताएँ बनी रह सकती हैं।
यह कदम झारखंड के मांस उद्योग में जवाबदेही बढ़ाने की उम्मीद है, जिससे हजारों श्रमिकों और व्यवसायों पर असर पड़ेगा जो कसाईघरों पर निर्भर हैं।