📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Flashthomsom
अपराध
झारखंड हाईकोर्ट: भांग एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रतिबंधित नहीं
✍️ The Times of India
🗓 02 जुल. 2026, 11:16 PM
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झारखंड हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि भांग, जो कैनाबिस से प्राप्त उत्पाद है, नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट, 1985 के तहत प्रतिबंधित नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल कैनाबिस रेजिन और बीज ही निषिद्ध पदार्थ हैं।
झारखंड हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है, जिसमें कहा गया है कि भांग, जो कैनाबिस (गांजा) के पौधे से तैयार किया जाने वाला एक उत्पाद है, नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट, 1985 के तहत प्रतिबंधित नहीं है। इस निर्णय से कैनाबिस से बने इस व्यापक रूप से उपभोग किए जाने वाले उत्पाद की कानूनी स्थिति स्पष्ट हो गई है।
अदालत की व्याख्या के अनुसार, जबकि कैनाबिस रेजिन (गांजे का सत्व) और बीज एक्ट के दायरे में आते हैं, भांग को स्वयं स्पष्ट रूप से निषिद्ध पदार्थ के रूप में सूचीबद्ध नहीं किया गया है। यह अंतर भारत में कैनाबिस उत्पादों से संबंधित कानूनी ढांचे को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
झारखंड हाईकोर्ट की इस कानूनी व्याख्या से राज्य भर में भांग के विनियमन और कब्जे पर प्रभाव पड़ने की उम्मीद है, और यह अन्य न्यायालयों में इसी तरह के मामलों को भी प्रभावित कर सकती है। यह फैसला एनडीपीएस एक्ट के भीतर निषिद्ध पदार्थों की विशिष्ट परिभाषा पर केंद्रित है।
अदालत की व्याख्या के अनुसार, जबकि कैनाबिस रेजिन (गांजे का सत्व) और बीज एक्ट के दायरे में आते हैं, भांग को स्वयं स्पष्ट रूप से निषिद्ध पदार्थ के रूप में सूचीबद्ध नहीं किया गया है। यह अंतर भारत में कैनाबिस उत्पादों से संबंधित कानूनी ढांचे को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
झारखंड हाईकोर्ट की इस कानूनी व्याख्या से राज्य भर में भांग के विनियमन और कब्जे पर प्रभाव पड़ने की उम्मीद है, और यह अन्य न्यायालयों में इसी तरह के मामलों को भी प्रभावित कर सकती है। यह फैसला एनडीपीएस एक्ट के भीतर निषिद्ध पदार्थों की विशिष्ट परिभाषा पर केंद्रित है।