📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vijayakumarblathur
राजनीति
झारखंड सरकार ने खनन बिल का विरोध किया, अवैध खनन को संरक्षण देने का आरोप; कांग्रेस ने पलटवार किया
✍️ timesofindia.indiatimes.com
🗓 27 सित. 2026, 09:49 AM
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झारखंड सरकार ने कथित रूप से अवैध खनन को संरक्षण देने के उद्देश्य से खनन बिल का विरोध किया है, इस दावे की पुष्टि अनपurna ने की। कांग्रेस ने इस आरोप को खारिज करते हुए बिल को नियामक उपाय बताया।
झारखंड सरकार ने खनन बिल का विरोध करते हुए कहा है कि इसके प्रावधान अवैध खनन को रोकने के बजाय बढ़ावा दे सकते हैं। इस स्थिति को अनपurna नाम के एक प्रवक्ता ने व्यक्त किया, जिन्होंने कहा कि राज्य उन आधार पर बिल का विरोध कर रहा है।
अनपurna के अनुसार, बिल के मौजूदा रूप में ऐसी कमजोरियां हैं जो अनियमित खनिज निकासी को बढ़ावा दे सकती हैं, जिससे राज्य में अवैध खनन पर रोक लगाने के प्रयास कमजोर पड़ सकते हैं। उन्होंने विधायकों से बिल की धाराओं पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया ताकि ऐसे परिणामों से बचा जा सके।
कांग्रेस ने इस आरोप को बेबुनियाद बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। कांग्रेस नेताओं ने तर्क दिया कि खनन बिल पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, और बिना ठोस सबूत के इसका विरोध करने से वास्तविक सुधार के प्रयासों को नुकसान पहुंचता है।
चूंकि बहस जारी है, यह असहमति राज्य में खनन गतिविधियों को नियंत्रित करने और अवैध खनन को रोकने के सबसे उपायों पर राज्य सरकार और विपक्षी दलों के बीच चल रहे तनाव को उजागर करती है।
अनपurna के अनुसार, बिल के मौजूदा रूप में ऐसी कमजोरियां हैं जो अनियमित खनिज निकासी को बढ़ावा दे सकती हैं, जिससे राज्य में अवैध खनन पर रोक लगाने के प्रयास कमजोर पड़ सकते हैं। उन्होंने विधायकों से बिल की धाराओं पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया ताकि ऐसे परिणामों से बचा जा सके।
कांग्रेस ने इस आरोप को बेबुनियाद बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। कांग्रेस नेताओं ने तर्क दिया कि खनन बिल पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, और बिना ठोस सबूत के इसका विरोध करने से वास्तविक सुधार के प्रयासों को नुकसान पहुंचता है।
चूंकि बहस जारी है, यह असहमति राज्य में खनन गतिविधियों को नियंत्रित करने और अवैध खनन को रोकने के सबसे उपायों पर राज्य सरकार और विपक्षी दलों के बीच चल रहे तनाव को उजागर करती है।