राजनीति
झारखंड विधानसभा की लोक लेखा समिति ने हजारीबाग जिले का दौरा किया
झारखंड विधानसभा की लोक लेखा समिति ने हजारीबाग जिले के विभिन्न विभागों के वित्तीय प्रबंधन एवं लेखा मामलों की समीक्षा की, और पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए।
झारखंड विधानसभा की लोक लेखा समिति ने बुधवार को हजारीबाग जिले का दौरा किया। समिति के सभापति बरही विधायक मनोज कुमार यादव की अध्यक्षता में परिसदन भवन में बैठक आयोजित की गई, जिसमें मनोहरपुर विधायक जगत मांझी और बरकट्ठा विधायक अमित कुमार यादव भी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान समिति ने जिले के विभिन्न विभागों के वित्तीय प्रबंधन एवं लेखा संबंधी मामलों की विस्तृत समीक्षा की। विभागीय आय‑व्यय, सरकारी राशि के उपयोग में पारदर्शिता, लेखा परीक्षण, वित्तीय दस्तावेजों का मूल्यांकन, वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित कार्रवाई, प्रपत्र‑क का गठन, राशि की वसूली, विभागीय कार्रवाई, प्रमाणपत्र केस तथा नीलामी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
समिति ने संबंधित पदाधिकारियों से इन विषयों में अद्यतन प्रतिवेदन एवं आवश्यक जानकारी प्राप्त की और उन्हें निर्देश दिया कि वे अपने‑अपने विभागों में लेखा कण्डिकाओं की नियमित समीक्षा करें तथा लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाएँ। साथ ही वित्तीय अनियमितताओं पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा सरकारी धन के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने पर बल दिया।
समिति ने विभागीय वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ़ करने, लेखा संबंधी आपत्तियों के समयबद्ध निष्पादन तथा वित्तीय अनुशासन के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।
बैठक के दौरान समिति ने जिले के विभिन्न विभागों के वित्तीय प्रबंधन एवं लेखा संबंधी मामलों की विस्तृत समीक्षा की। विभागीय आय‑व्यय, सरकारी राशि के उपयोग में पारदर्शिता, लेखा परीक्षण, वित्तीय दस्तावेजों का मूल्यांकन, वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित कार्रवाई, प्रपत्र‑क का गठन, राशि की वसूली, विभागीय कार्रवाई, प्रमाणपत्र केस तथा नीलामी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
समिति ने संबंधित पदाधिकारियों से इन विषयों में अद्यतन प्रतिवेदन एवं आवश्यक जानकारी प्राप्त की और उन्हें निर्देश दिया कि वे अपने‑अपने विभागों में लेखा कण्डिकाओं की नियमित समीक्षा करें तथा लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाएँ। साथ ही वित्तीय अनियमितताओं पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा सरकारी धन के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने पर बल दिया।
समिति ने विभागीय वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ़ करने, लेखा संबंधी आपत्तियों के समयबद्ध निष्पादन तथा वित्तीय अनुशासन के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।